पेपर लीक विवाद पर शत्रुघ्न सिन्हा का केंद्र पर हमला, बोले- प्रधानमंत्री को छात्रों से मिलकर भरोसा दिलाना चाहिए था
देशभर में जारी पेपर लीक विरोध प्रदर्शन के बीच तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया वीडियो संदेश पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि केवल संदेश जारी करना पर्याप्त नहीं था, बल्कि प्रधानमंत्री को आंदोलन कर रहे छात्रों से मिलकर उनकी चिंताओं को सुनना और उनका विश्वास जीतना चाहिए था।
पीएम के वीडियो संदेश पर उठाए सवाल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक को गंभीर मुद्दा बताते हुए कहा था कि सरकार दोषियों के खिलाफ और सख्त कार्रवाई करेगी तथा इस विषय पर कैबिनेट स्तर पर भी चर्चा की जाएगी। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि यदि सरकार पहले ही छात्रों से संवाद करती, तो लोगों में यह भरोसा मजबूत होता कि सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है।
‘छात्रों से मिलना भी उतना ही जरूरी था’
शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि देशभर में हजारों छात्र लंबे समय से सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे हैं। उनके अनुसार, ऐसे समय में प्रधानमंत्री को स्वयं छात्रों से मिलकर उनकी बात सुननी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि केवल घोषणाओं के बजाय संवाद और संवेदनशीलता भी लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
सरकार की विश्वसनीयता पर उठाए सवाल
टीएमसी सांसद ने कहा कि लगातार सामने आए पेपर लीक के मामलों ने छात्रों और अभिभावकों के बीच चिंता बढ़ाई है। उनका कहना था कि सरकार को अपने फैसलों और कार्रवाई से यह विश्वास दिलाना होगा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं होगी। उन्होंने यह भी कहा कि पहले के मामलों का भी प्रभावी समाधान जरूरी है।
प्रधानमंत्री ने क्या कहा था
अपने वीडियो संदेश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पेपर लीक लाखों छात्रों और उनके परिवारों के भविष्य से जुड़ा अत्यंत गंभीर विषय है। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ महीनों में कई मामलों में आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है और सरकार इस समस्या पर और कठोर कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है। साथ ही उन्होंने संकेत दिया कि इस मुद्दे पर कैबिनेट में भी विस्तार से चर्चा की जाएगी।