छतरपुर में 102 वर्षीय महिला की मौत, बहू पर छत से धक्का देने का आरोप; पुलिस जांच में जुटी
मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के नौगांव कस्बे में एक 102 वर्षीय महिला की मौत ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। परिजनों का आरोप है कि घरेलू विवाद के दौरान बहू ने बुजुर्ग महिला को मकान की छत से धक्का दे दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गईं। कई दिनों तक अस्पताल में इलाज के बाद उनकी मौत हो गई। पुलिस ने पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
घरेलू विवाद के बाद हुई दर्दनाक घटना
जानकारी के अनुसार, नौगांव निवासी 102 वर्षीय गौराबाई गुप्ता के साथ करीब एक सप्ताह पहले घर में विवाद हुआ था। परिजनों का आरोप है कि इसी दौरान बहू ने उन्हें मकान की छत से नीचे धक्का दे दिया। गिरने से बुजुर्ग महिला गंभीर रूप से घायल हो गईं। पहले उन्हें स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, लेकिन हालत बिगड़ने पर जिला अस्पताल रेफर किया गया। वहां कई दिनों तक उपचार चला, मगर चिकित्सकों के प्रयासों के बावजूद उनकी जान नहीं बच सकी। घटना के बाद परिवार और स्थानीय लोगों में गहरा दुख है।
परिवार ने बहू पर लगाए गंभीर आरोप
मृतका के परिजनों का कहना है कि यह कोई सामान्य हादसा नहीं, बल्कि घरेलू विवाद का परिणाम है। उनका आरोप है कि बहू के साथ हुए विवाद के दौरान ही यह घटना हुई। परिवार का दावा है कि यदि समय रहते ऐसा नहीं होता तो बुजुर्ग महिला की जान बच सकती थी। हालांकि, पुलिस ने अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से इनकार किया है। अधिकारियों का कहना है कि सभी पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच की जाएगी।
बेटे की मौत के बाद परिवार पहले से था सदमे में
इस परिवार पर इससे पहले भी दुखों का पहाड़ टूट चुका था। मृतका के बेटे संजय गुप्ता की अप्रैल 2025 में आत्महत्या से मौत हो गई थी। उस मामले में भी परिजनों ने पारिवारिक विवाद और प्रताड़ना के आरोप लगाए थे। ऐसे में अब 102 वर्षीय महिला की मौत ने परिवार को एक और गहरे संकट में डाल दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार पारिवारिक तनाव के कारण घर का माहौल लंबे समय से खराब था, जिसकी अब पुलिस भी विभिन्न पहलुओं से जांच कर रही है।
पोस्टमार्टम के दौरान लापरवाही का मामला भी सामने आया
इस मामले में पोस्टमार्टम प्रक्रिया के दौरान कथित प्रशासनिक लापरवाही की भी चर्चा सामने आई है। आरोप है कि पोस्टमार्टम के दौरान निर्धारित प्रक्रिया का पूरी तरह पालन नहीं किया गया, जिस पर चिकित्सकों ने आपत्ति जताई। संबंधित दस्तावेजों में हुई त्रुटियों को तत्काल सुधारा गया। पुलिस और स्वास्थ्य विभाग इस पहलू की भी समीक्षा कर रहे हैं ताकि यह स्पष्ट हो सके कि प्रक्रिया में कोई चूक हुई या नहीं। हालांकि, इस लापरवाही का महिला की मौत के कारण से कोई प्रत्यक्ष संबंध अभी स्थापित नहीं हुआ है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद होगी आगे की कार्रवाई
पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है और मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामले में किसी की गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं की गई है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि घटना दुर्घटना थी या आरोपों के अनुसार किसी आपराधिक कृत्य का परिणाम।
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