69 हजार शिक्षक भर्ती पर लखनऊ में बवाल, शिक्षा मंत्री के आवास का घेराव; ‘योगी बाबा न्याय करो’ के लगे नारे
उत्तर प्रदेश की 69 हजार शिक्षक भर्ती को लेकर अभ्यर्थियों का विरोध प्रदर्शन शुक्रवार को लखनऊ में तेज हो गया। बड़ी संख्या में अभ्यर्थी शिक्षा मंत्री संदीप सिंह के आवास पहुंचे और भर्ती प्रक्रिया व आरक्षण को लेकर विरोध जताया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और अभ्यर्थियों के बीच धक्का-मुक्की हुई, जिसके बाद कई लोगों को हिरासत में लेकर इको गार्डन भेज दिया गया।
शिक्षा मंत्री के आवास के बाहर जोरदार प्रदर्शन
लखनऊ में शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों ने शिक्षा मंत्री संदीप सिंह के आवास का घेराव करते हुए सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारी हाथों में बैनर और तख्तियां लेकर पहुंचे तथा “योगी बाबा न्याय करो” और “हमारी मांगें पूरी हो” जैसे नारे लगाए। अभ्यर्थियों का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया में आरक्षण नियमों का सही तरीके से पालन नहीं किया गया और हजारों उम्मीदवारों के साथ अन्याय हुआ है।
आरक्षण और सीटों को लेकर उठाए सवाल
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि 69 हजार शिक्षक भर्ती में करीब 6800 सीटों के आवंटन में गड़बड़ी हुई। उनका कहना है कि अनुसूचित जाति (SC) के लिए 21 प्रतिशत और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण का समुचित लाभ नहीं मिला। अभ्यर्थियों ने सरकार से भर्ती प्रक्रिया में कथित विसंगतियों को दूर करने और जल्द नियुक्ति देने की मांग की।
पुलिस और अभ्यर्थियों के बीच धक्का-मुक्की
प्रदर्शन के दौरान स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई जब पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने का प्रयास किया। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच कहासुनी और धक्का-मुक्की हुई। अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनके साथ सख्ती बरती, जबकि पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्रवाई की। कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर बसों के जरिए इको गार्डन भेज दिया गया।
प्रदर्शन के दौरान बिगड़ी एक अभ्यर्थी की तबीयत
प्रदर्शन के दौरान एक अभ्यर्थी की तबीयत अचानक बिगड़ गई और वह बेहोश होकर गिर पड़ा। वहीं, अपने छोटे बच्चे के साथ प्रदर्शन में पहुंची एक महिला अभ्यर्थी के बच्चे को पुलिसकर्मियों ने सुरक्षित संभाला। इस दौरान मौके पर मौजूद लोगों ने अभ्यर्थी को प्राथमिक सहायता भी उपलब्ध कराई।
सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हलफनामे पर भी जताई नाराजगी
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में जो हलफनामा दाखिल किया है, उससे भर्ती प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। उनका आरोप है कि हलफनामे में शामिल कुछ अभ्यर्थियों के नाम पहले भी चयन प्रक्रिया से बाहर हो चुके हैं। अभ्यर्थियों ने निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया, आरक्षण नियमों के पालन और लंबित नियुक्तियों को जल्द पूरा करने की मांग दोहराई।