10 रुपये चोरी के आरोप से टूटी 10 साल की छात्रा, पिटाई के बाद उठाया खौफनाक कदम
उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले से एक बेहद दुखद घटना सामने आई है, जहां एक 10 वर्षीय छात्रा की मौत ने स्कूलों में बच्चों के साथ होने वाले व्यवहार को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। नई मंडी कोतवाली क्षेत्र के पचेंडा कला गांव की रहने वाली कक्षा चार की छात्रा ने कथित तौर पर स्कूल में 10 रुपये चोरी के आरोप और पिटाई से आहत होकर घर में फांसी लगा ली। परिजनों ने शिक्षक पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जबकि पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
10 रुपये चोरी के आरोप के बाद बिगड़ा मामला
जानकारी के अनुसार पचेंडा कला गांव की रहने वाली छात्रा गांव के प्राथमिक विद्यालय में कक्षा चार में पढ़ती थी। परिजनों का आरोप है कि स्कूल में एक छात्र के 10 रुपये गायब होने के बाद बच्ची पर चोरी का संदेह जताया गया। आरोप है कि शिक्षिका ने मामले की जानकारी शिक्षक को दी, जिसके बाद छात्रा से पूछताछ की गई और उसकी पिटाई कर दी गई। परिजनों के मुताबिक बच्ची ने घर पहुंचने के बाद इस घटना का जिक्र किया और वह काफी परेशान दिखाई दे रही थी।
घर पहुंचने के बाद छात्रा ने उठाया कदम
परिजनों के अनुसार स्कूल से लौटने के बाद बच्ची मानसिक रूप से परेशान थी। कुछ समय बाद जब परिवार के लोगों को घटना की जानकारी हुई तो वह घर में फंदे से लटकी मिली। आनन-फानन में परिजन उसे अस्पताल ले जाने की कोशिश करने लगे, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
पिता ने शिक्षक पर लगाए गंभीर आरोप
मृतक छात्रा के पिता अशोक राजपूत ने आरोप लगाया कि उनकी बेटी पर केवल 10 रुपये चोरी करने का आरोप लगाया गया था, जबकि बच्ची ने बताया था कि उसे पैसे टेबल के नीचे पड़े मिले थे। पिता का कहना है कि आरोप लगाने के बाद बच्ची की स्कूल में पिटाई की गई, जिससे वह बेहद आहत हो गई। उन्होंने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि बेटी को न्याय मिलना चाहिए।
पुलिस ने शुरू की मामले की जांच
घटना के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार परिजनों की शिकायत के आधार पर पूरे मामले की पड़ताल की जा रही है। पुलिस स्कूल स्टाफ, छात्रों और अन्य संबंधित लोगों से जानकारी जुटा रही है। साथ ही पोस्टमार्टम रिपोर्ट का भी इंतजार किया जा रहा है, जिससे मौत के कारणों की पुष्टि हो सके। पुलिस का कहना है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
घटना ने स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा पर उठाए सवाल
इस घटना के बाद बच्चों के साथ स्कूलों में होने वाले व्यवहार और अनुशासन के तरीकों को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों के साथ किसी भी स्थिति में शारीरिक या मानसिक दबाव नहीं बनाया जाना चाहिए। छोटी उम्र के बच्चों पर लगाए गए आरोप और उनके साथ किया गया व्यवहार उनके मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर असर डाल सकता है। फिलहाल मुजफ्फरनगर की इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है और परिवार न्याय की उम्मीद लगाए बैठा है।
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