#पॉलिटिक्स

पेपर लीक पर पीएम के फैसले का चिराग पासवान ने किया समर्थन, बोले- छात्रों के भविष्य से समझौता नहीं

देशभर में पेपर लीक और परीक्षा पारदर्शिता को लेकर जारी बहस के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा मामलों के त्वरित निस्तारण के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित करने की घोषणा का केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अध्यक्ष चिराग पासवान ने स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जरूरी है और छात्रों का हित सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में होना चाहिए।

फास्ट ट्रैक कोर्ट के फैसले का किया स्वागत

प्रधानमंत्री के ऐलान के बाद चिराग पासवान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पेपर लीक से जुड़े मामलों में दोषियों को शीघ्र सजा दिलाने और मामलों के त्वरित निस्तारण के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित करने का निर्णय स्वागत योग्य है। उन्होंने कहा कि ऐसी व्यवस्था से न्यायिक प्रक्रिया तेज होगी और परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता मजबूत करने में मदद मिलेगी। उनके अनुसार, समयबद्ध कार्रवाई से अभ्यर्थियों का भरोसा भी बढ़ेगा।

छात्रों के भविष्य को बताया सर्वोच्च प्राथमिकता

चिराग पासवान ने कहा कि देश के युवाओं और छात्रों का भविष्य किसी भी परिस्थिति में दांव पर नहीं लगाया जा सकता। उन्होंने जोर देकर कहा कि परीक्षा प्रणाली की निष्पक्षता बनाए रखना सरकार और समाज दोनों की साझा जिम्मेदारी है। उनके मुताबिक, जो लोग अवैध गतिविधियों के जरिए छात्रों के भविष्य को नुकसान पहुंचाते हैं, उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई आवश्यक है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।

प्रधानमंत्री ने किया था बड़ा ऐलान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि देश के युवाओं का हित और उनका भविष्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने घोषणा की कि पेपर लीक से जुड़े मामलों में दोषियों को शीघ्र दंड दिलाने और मुकदमों के त्वरित निस्तारण के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित किए जाएंगे। प्रधानमंत्री ने संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।

परीक्षा प्रणाली को लेकर बढ़ी राजनीतिक सक्रियता

पेपर लीक के मुद्दे पर देशभर में छात्रों के प्रदर्शन और राजनीतिक प्रतिक्रियाओं के बीच यह विषय राष्ट्रीय चर्चा का केंद्र बना हुआ है। विभिन्न राजनीतिक दल और नेता परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता तथा दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। इसी क्रम में चिराग पासवान का बयान भी सामने आया है, जिसमें उन्होंने प्रधानमंत्री के फैसले का समर्थन करते हुए छात्रों के हितों की रक्षा को सबसे महत्वपूर्ण बताया।

author avatar
Stv News Rajasthan

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *