साहबी नदी पुल की मरम्मत बनी परेशानी, ट्रक धंसने से बहरोड़-अलवर मार्ग घंटों जाम
अलवर जिले के बहरोड़-अलवर मार्ग पर साहबी नदी पुल की मरम्मत के दौरान अव्यवस्थित यातायात व्यवस्था लोगों के लिए बड़ी मुश्किल बन गई। बुधवार देर रात नदी से होकर गुजर रहा खंभों से लदा एक ट्रक मिट्टी में धंस गया, जिससे मार्ग पूरी तरह बाधित हो गया। दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, बसों का संचालन प्रभावित हुआ और यात्रियों को घंटों तक जाम में फंसे रहना पड़ा। स्थानीय लोगों ने प्रशासन और लोक निर्माण विभाग (PWD) की तैयारियों पर सवाल उठाते हुए बेहतर वैकल्पिक व्यवस्था की मांग की।
ट्रक धंसते ही थम गया यातायात
साहबी नदी पर बने पुल की मरम्मत के चलते वाहनों का आवागमन अस्थायी मार्ग से कराया जा रहा था। इसी दौरान खंभों से भरा एक भारी ट्रक नदी के कच्चे हिस्से में मिट्टी में धंस गया। ट्रक के फंसते ही पूरा मार्ग अवरुद्ध हो गया और कुछ ही देर में दोनों दिशाओं में ट्रकों, बसों और अन्य वाहनों की लंबी कतार लग गई। मार्ग पर घंटों तक यातायात सामान्य नहीं हो सका, जिससे यात्रियों और वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
बस यात्री और छात्र सबसे ज्यादा हुए प्रभावित
जाम का सबसे अधिक असर सार्वजनिक परिवहन पर देखने को मिला। रोडवेज और निजी बसें रास्ते में फंस गईं, जिससे यात्रियों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा। स्कूल और कॉलेज जाने वाले छात्र, नौकरीपेशा लोग तथा अन्य यात्री समय पर अपने गंतव्य तक नहीं पहुंच सके। कई लोगों ने पैदल सफर किया, जबकि कुछ यात्रियों ने लंबा चक्कर लगाकर वैकल्पिक मार्गों का सहारा लिया। अचानक उत्पन्न हुई इस स्थिति ने पूरे क्षेत्र में आवागमन को प्रभावित कर दिया।
स्थानीय लोगों ने पीडब्ल्यूडी की तैयारियों पर उठाए सवाल
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि पुल की मरम्मत का कार्य शुरू करने से पहले पर्याप्त ट्रैफिक प्लान तैयार नहीं किया गया। उनका आरोप है कि करीब दो महीने पहले भी मरम्मत के दौरान इसी तरह की समस्याएं सामने आई थीं, लेकिन विभाग ने पिछले अनुभवों से कोई सीख नहीं ली। लोगों का कहना है कि यदि मजबूत वैकल्पिक मार्ग और प्रभावी यातायात प्रबंधन किया जाता तो इस तरह की अव्यवस्था से बचा जा सकता था। जाम में फंसे लोगों ने प्रशासन और पीडब्ल्यूडी के प्रति नाराजगी भी जताई।
व्यापार और परिवहन गतिविधियों पर भी पड़ा असर
बहरोड़-अलवर मार्ग औद्योगिक और व्यावसायिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। इस सड़क से प्रतिदिन बड़ी संख्या में मालवाहक वाहन गुजरते हैं। लंबे जाम के कारण सामान की आवाजाही प्रभावित हुई और परिवहन से जुड़े लोगों को समय के साथ आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ा। वाहन चालकों ने कहा कि लगातार लगने वाले जाम से व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं और भविष्य में ऐसी स्थिति से बचने के लिए स्थायी समाधान जरूरी है।
प्रशासन ने जल्द यातायात बहाल करने का दिया भरोसा
बहरोड़ उपखंड अधिकारी रामकिशोर मीणा ने बताया कि कारोडा गांव के पास पुल की मरम्मत के कारण रूट डायवर्ट किया गया है। ट्रक फंसने से जाम की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीमों को मौके पर भेजा गया है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द से जल्द मार्ग को सुचारु बनाने और यातायात सामान्य करने के प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि आमजन को अधिक परेशानी का सामना न करना पड़े।
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