पेपर लीक पर टीकाराम जूली का हमला: 12 साल में 150 केस, सजा क्यों नहीं? , आज मोदी जी की नींद टूटी है
अलवर में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने पेपर लीक मामलों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर तीखा निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अब प्रधानमंत्री फास्ट-ट्रैक कोर्ट की बात कर रहे हैं, जबकि पिछले 12 वर्षों में 150 से अधिक पेपर लीक हो चुके हैं, लेकिन किसी को सजा नहीं मिली। आज प्रधानमंत्री ट्वीट कर पेपर लीक को गम्भीर मान रहे है , फास्ट ट्रैक कोर्ट से दोषियों पर सख्त कार्यवाही की बात करते है ।
जूली ने कहा कि 3 मई से देशभर के छात्र विरोध कर रहे हैं, फिर भी सरकार ने लंबे समय तक कोई जवाब नहीं दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि NEET समेत कई परीक्षाओं में लगातार पेपर लीक हुए, जिससे छात्रों में तनाव बढ़ा और कई आत्महत्या के मामले सामने आए।
उन्होंने दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर कार्रवाई को शर्मनाक बताते हुए कहा कि शांतिपूर्ण आंदोलन करने वालों के साथ दुर्व्यवहार लोकतंत्र के खिलाफ है। जूली ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि बार-बार पेपर लीक होने के बावजूद उन्होंने इस्तीफा नहीं दिया।
इसके साथ ही, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ के बयानों की आलोचना करते हुए जूली ने कहा कि छात्रों को ‘पत्थरबाज’ या ‘भाड़े के टट्टू’ कहना देश के भविष्य का अपमान है। उन्होंने पूछा कि जिन लाखों युवाओं के साल बर्बाद हुए, उनकी जिम्मेदारी कौन लेगा।
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