NEET आंदोलन पर विपक्ष में बढ़ी तकरार, कांग्रेस, AAP और सपा के बीच ‘क्रेडिट वॉर’ तेज
NEET पेपर लीक और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर जारी आंदोलन अब राजनीतिक मोड़ लेता दिखाई दे रहा है। सरकार को घेरने की कोशिश के बीच विपक्षी दलों के बीच ही आंदोलन का श्रेय लेने को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस, आम आदमी पार्टी (AAP) और समाजवादी पार्टी (SP) के बीच आरोप-प्रत्यारोप से विपक्षी एकजुटता पर भी सवाल उठने लगे हैं।
आंदोलन के श्रेय को लेकर कांग्रेस और AAP आमने-सामने
NEET पेपर लीक के विरोध में देशभर में प्रदर्शन जारी हैं। इसी बीच कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच आंदोलन को लेकर तीखी बयानबाजी सामने आई है। AAP ने आरोप लगाया कि कांग्रेस छात्र आंदोलन के मुद्दे को राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल कर रही है और संयुक्त विपक्ष की लड़ाई को मजबूत करने के बजाय उसका श्रेय लेने की कोशिश कर रही है। पार्टी ने कहा कि विपक्ष की एकजुटता से अधिक कांग्रेस अपनी राजनीतिक मौजूदगी दिखाने पर ध्यान दे रही है।
कांग्रेस ने किया पलटवार, AAP पर लगाए गंभीर आरोप
AAP के आरोपों पर कांग्रेस ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि भाजपा के खिलाफ विपक्ष की साझा लड़ाई को कमजोर करने का काम AAP कर रही है। कांग्रेस का आरोप है कि सरकार को घेरने के बजाय AAP लगातार विपक्षी दलों पर निशाना साध रही है, जिससे आंदोलन का मूल उद्देश्य प्रभावित हो रहा है। दोनों दलों के बीच इस बयानबाजी ने विपक्षी खेमे में बढ़ती दूरी को और उजागर कर दिया है।
संसद में भी दिखी कांग्रेस और सपा के बीच खटास
राजनीतिक मतभेद केवल सड़क तक सीमित नहीं रहे, बल्कि संसद के भीतर भी इसकी झलक देखने को मिली। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, लोकसभा में एक चर्चा के दौरान जब समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव को बोलने का अवसर मिला, उसी समय कांग्रेस सांसदों के विरोध के कारण व्यवधान पैदा हो गया। इसके बाद समाजवादी पार्टी की नाराजगी सामने आई। रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि सदन से बाहर निकलते समय अखिलेश यादव ने कांग्रेस नेतृत्व से इस मुद्दे पर अपनी असहमति भी जताई।
आंदोलन को गैर-राजनीतिक बताने पर जोर
इस बीच आंदोलन से जुड़े पक्ष की ओर से भी राजनीतिक बयानबाजी पर सवाल उठाए गए हैं। सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंगमो ने कहा कि आंदोलन का उद्देश्य किसी राजनीतिक दल का समर्थन या विरोध करना नहीं है, बल्कि शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर संसद और सरकार का ध्यान आकर्षित करना है। उन्होंने कहा कि उनके लिए सरकार और विपक्ष से अधिक महत्वपूर्ण शिक्षा सुधार और छात्रों के हित हैं।
शिक्षा सुधार के मुद्दे पर फोकस बनाए रखने की अपील
गीतांजलि आंगमो ने कहा कि संसद देश की सर्वोच्च लोकतांत्रिक संस्था है और उम्मीद है कि शिक्षा व्यवस्था से जुड़े गंभीर मुद्दों पर सभी दल राजनीति से ऊपर उठकर विचार करेंगे। उनका कहना था कि आंदोलन का मकसद केवल छात्रों की आवाज को नीति-निर्माताओं तक पहुंचाना है और इसे राजनीतिक प्रतिस्पर्धा का माध्यम नहीं बनाया जाना चाहिए।