छात्रों पर लाठीचार्ज पर बोले दिलजीत दोसांझ, कहा- ‘जनता की आवाज रब की आवाज’, आलोचना का जोखिम भी मंजूर
पंजाबी गायक और अभिनेता दिलजीत दोसांझ ने जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि छात्रों की बात सुनी जानी चाहिए। उन्होंने स्वीकार किया कि इस बयान के बाद उन्हें फिर से “एंटी नेशनल” या “देशद्रोही” कहा जा सकता है, लेकिन उनका मानना है कि जनता की आवाज को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। दिलजीत ने अपने पुराने अनुभवों का जिक्र करते हुए कहा कि पहले भी अपनी राय रखने की कीमत उन्हें चुकानी पड़ी है।
छात्रों के साथ हुए व्यवहार पर जताई नाराजगी
दिलजीत दोसांझ ने इंस्टाग्राम स्टोरी के जरिए छात्रों के साथ हुई कथित पुलिस कार्रवाई पर चिंता जताई। उन्होंने लिखा कि छात्रों के साथ इस तरह का व्यवहार उचित नहीं है और संबंधित अधिकारियों को उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। दिलजीत ने कहा कि लोकतंत्र में जनता की आवाज सबसे अहम होती है और उसे सम्मान मिलना चाहिए। उन्होंने अपनी पोस्ट में यह भी लिखा कि “जनता की आवाज, रब की आवाज होती है”, जिससे उनका संदेश साफ था कि किसी भी विरोध को सुनना लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा है।
‘फिर से एंटी नेशनल कहा जाएगा, लेकिन सच बोलूंगा’
अपने बयान में दिलजीत ने यह भी स्वीकार किया कि सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर बोलने के कारण उन्हें पहले भी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा है। उन्होंने कहा कि संभव है इस बार भी उन्हें “एंटी नेशनल” या “देशद्रोही” कहा जाए, लेकिन इससे उनकी सोच नहीं बदलेगी। उन्होंने लिखा कि किसान आंदोलन के दौरान भी उन्हें भारी ट्रोलिंग, आलोचना और कानूनी परेशानियों का सामना करना पड़ा था। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि समय सब देखता है और अंततः सच सामने आता है।
किसान आंदोलन का किया जिक्र
दिलजीत ने अपने बयान में वर्ष 2020 के किसान आंदोलन की याद भी ताजा की। उन्होंने कहा कि उस समय किसानों के समर्थन में खुलकर बोलने के कारण उन्हें कई तरह के आरोपों और आलोचनाओं का सामना करना पड़ा। किसान आंदोलन के दौरान उन्होंने प्रदर्शन स्थल का दौरा किया था और किसानों की सहायता के लिए आर्थिक सहयोग भी दिया था। उसी दौर से उन्हें लगातार सोशल मीडिया पर निशाना बनाया जाता रहा, लेकिन उन्होंने कहा कि समाज के मुद्दों पर अपनी राय रखने से वह पीछे नहीं हटेंगे।
कुछ दिन पहले प्रदर्शन से बनाई थी दूरी
दिलचस्प बात यह है कि कुछ दिन पहले एक सोशल मीडिया लाइव के दौरान जब उनसे जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध-प्रदर्शन को लेकर सवाल पूछा गया था, तब उन्होंने खुद को ऐसे आंदोलनों से दूर रखने की बात कही थी। उन्होंने कहा था कि वह एक कलाकार हैं और राजनीति से दूरी बनाए रखना चाहते हैं। हालांकि छात्रों पर हुई कार्रवाई के बाद उन्होंने सार्वजनिक रूप से अपनी प्रतिक्रिया दी और छात्रों के हित में आवाज उठाने की जरूरत पर जोर दिया।
जंतर-मंतर प्रदर्शन में क्या हुआ था?
20 जुलाई को जंतर-मंतर से प्रस्तावित मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तनाव की स्थिति पैदा हो गई थी। इसके बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की हुई तथा बल प्रयोग किए जाने की खबरें सामने आईं। इस घटनाक्रम में कई लोगों के घायल होने की सूचना भी सामने आई थी। इस मामले पर कई फिल्मी हस्तियों और सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोगों ने भी अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दी और छात्रों के साथ हुई कार्रवाई पर चिंता व्यक्त की।