CJP और केंद्र सरकार के बीच बातचीत में गतिरोध, शर्तों पर नहीं बन सकी सहमति
छात्र आंदोलन के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और केंद्र सरकार के बीच प्रस्तावित वार्ता फिलहाल आगे नहीं बढ़ सकी है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बातचीत शुरू होने से पहले दोनों पक्ष कुछ प्रमुख शर्तों पर सहमत नहीं हो पाए, जिसके कारण औपचारिक वार्ता टल गई। हालांकि, दोनों पक्षों के बीच संपर्क पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है और समाधान निकालने के लिए संवाद जारी रहने की बात कही जा रही है।
मीडिया रिपोर्ट्स में क्या कहा गया?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, आंदोलन से जुड़े घटनाक्रम के दौरान पहले यह संकेत मिले थे कि कुछ मांगों को लेकर नरम रुख अपनाया जा सकता है, जिससे बातचीत का रास्ता खुलने की उम्मीद बनी थी। लेकिन बाद में CJP प्रतिनिधिमंडल ने दो प्रमुख मांगों पर अपना रुख दोहराया। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, इन्हीं शर्तों पर सहमति नहीं बनने के कारण प्रस्तावित वार्ता आगे नहीं बढ़ सकी।
कौन-सी मांगों पर बनी असहमति?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, CJP ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और जंतर-मंतर पर सार्वजनिक रूप से सरकार के साथ वार्ता आयोजित करने जैसी मांगें दोहराईं। दूसरी ओर, रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि केंद्र सरकार ने इन शर्तों को स्वीकार नहीं किया। सरकार की ओर से इन दावों पर विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, इसलिए इन रिपोर्ट्स की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।
जेपी नड्डा पहले कर चुके हैं बातचीत की अपील
इससे पहले केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने CJP के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात कर आंदोलन समाप्त करने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की थी। उन्होंने भरोसा दिलाया था कि सरकार संवाद के लिए तैयार है। इसके अलावा उन्होंने संसद मार्च के दौरान घायल हुए कुछ छात्रों से अस्पताल में मुलाकात भी की थी। भाजपा का कहना है कि सरकार बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन उसका आरोप है कि विपक्ष इस मुद्दे का राजनीतिक लाभ उठाने का प्रयास कर रहा है।
संवाद पूरी तरह बंद नहीं होने का दावा
रिपोर्ट्स के अनुसार, औपचारिक वार्ता भले ही फिलहाल रुकी हुई हो, लेकिन दोनों पक्षों के बीच संपर्क बना हुआ है। बताया जा रहा है कि ऐसा रास्ता तलाशने की कोशिश की जा रही है, जिससे बिना किसी पूर्व शर्त के बातचीत शुरू हो सके। हालांकि, इस संबंध में दोनों पक्षों की ओर से कोई संयुक्त आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। इसलिए वार्ता की स्थिति को लेकर अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं।
पेपर लीक पर राजनीति भी तेज
इसी बीच केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने NEET पेपर लीक के मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी से बचने की अपील की। उन्होंने कहा कि छात्रों की चिंताओं का समाधान बातचीत और आवश्यक सुधारों के माध्यम से किया जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए सवाल उठाया कि पूर्ववर्ती सरकारों के दौरान सामने आए पेपर लीक मामलों पर विपक्ष का रुख क्या था। दूसरी ओर, विपक्ष लगातार शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की जवाबदेही तय करने और कार्रवाई की मांग कर रहा है। ऐसे में यह मुद्दा अब शिक्षा के साथ-साथ राजनीतिक बहस का भी प्रमुख विषय बन चुका है।