अजमेर बंद: आनासागर झील की बदहाली पर कांग्रेस का विरोध, बाजार और निजी शिक्षण संस्थान रहे बंद
अजमेर की ऐतिहासिक आनासागर झील की बिगड़ती स्थिति, झील में बढ़ते प्रदूषण और बड़ी संख्या में मछलियों की मौत के विरोध में गुरुवार को कांग्रेस के आह्वान पर शहर में बंद का व्यापक असर देखने को मिला। कई बाजारों, निजी स्कूलों और कॉलेजों ने बंद का समर्थन किया, जबकि विभिन्न स्थानों पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन कर प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरे शहर में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया।
बाजारों और निजी शिक्षण संस्थानों पर दिखा बंद का असर
सुबह से ही अजमेर के प्रमुख बाजारों में बंद का असर नजर आया। दरगाह बाजार सहित कई व्यावसायिक क्षेत्रों में अधिकांश दुकानें बंद रहीं। हालांकि, दरगाह आने वाले जायरीन की सुविधा को देखते हुए फूलों और आवश्यक सामग्री की कुछ दुकानें खुली रहीं। बंद के मद्देनजर कई निजी स्कूलों और कॉलेजों ने भी एहतियातन अवकाश घोषित किया। कांग्रेस कार्यकर्ता शहर के विभिन्न इलाकों में व्यापारियों से शांतिपूर्वक प्रतिष्ठान बंद रखने की अपील करते हुए दिखाई दिए।
प्रदर्शन के दौरान कई स्थानों पर हंगामा
बंद के दौरान कुछ स्थानों पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन तेज कर दिया। रेलवे स्टेशन के बाहर चल रहे ई-रिक्शा और टेम्पो को रुकवाकर यात्रियों को नीचे उतरने के लिए कहा गया। वहीं कचहरी रोड स्थित कुछ निजी बैंकों के बाहर भी प्रदर्शन हुआ, जिसके बाद कई बैंकों ने अपने शटर बंद कर दिए। एक पेट्रोल पंप के बाहर भी कार्यकर्ताओं ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए झील की सफाई और प्रदूषण रोकने की मांग उठाई।
इसे भी पढ़ें –धौलपुर में दर्दनाक हादसा: हाईकोर्ट ड्यूटी पर जा रहे हेड कांस्टेबल की ट्रैक्टर की टक्कर से मौत
आनासागर झील की स्थिति को लेकर उठाए सवाल
कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि आनासागर झील में लगातार बिना उपचार के गंदा पानी गिरने से जल प्रदूषण बढ़ रहा है। उनका कहना है कि झील में ऑक्सीजन का स्तर घटने के कारण बड़ी संख्या में मछलियों की मौत हो रही है और आसपास के क्षेत्र में दुर्गंध फैल रही है। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से झील की सफाई, गंदे नालों पर रोक और पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की।
23 करोड़ की योजना पर भी उठे सवाल
नगर निगम प्रशासन ने आनासागर झील के संरक्षण के लिए करीब 23 करोड़ रुपये की परियोजना तैयार करने की जानकारी दी है। अधिकारियों के अनुसार झील में गिरने वाले प्रमुख नालों के पानी को इंटरसेप्ट कर उपचार के बाद ही झील में छोड़ा जाएगा। दूसरी ओर, कांग्रेस नेताओं और स्थानीय लोगों का दावा है कि वर्तमान में कई स्थानों से सीवरेज का पानी सीधे झील में पहुंच रहा है। उनका कहना है कि योजनाओं का असर धरातल पर दिखाई नहीं दे रहा और झील की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है।
पुलिस रही अलर्ट, आवश्यक सेवाएं रहीं जारी
बंद के दौरान किसी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए अजमेर पुलिस पूरी तरह सतर्क रही। पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन अग्रवाला के निर्देश पर शहर के प्रमुख चौराहों, रेलवे स्टेशन, कचहरी रोड और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। वरिष्ठ अधिकारी लगातार गश्त कर स्थिति की निगरानी करते रहे। वहीं कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि अस्पताल, मेडिकल स्टोर, एम्बुलेंस और अग्निशमन जैसी आवश्यक सेवाओं को बंद से अलग रखा गया, ताकि आम नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
https://www.facebook.com/StvNews2006