कोटा: ढाई साल के बच्चे की नाक में फंसा खुला सेफ्टी पिन, डॉक्टरों ने एंडोस्कोपी से बचाई जान
कोटा के एमबीएस अस्पताल में डॉक्टरों ने ढाई साल के एक बच्चे की जटिल सर्जरी कर उसकी नाक और गले के बीच फंसा खुला सेफ्टी पिन सफलतापूर्वक बाहर निकाला। पिन खुली होने के कारण अंदर चोट लगने और रक्तस्राव की स्थिति बन गई थी। विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने एंडोस्कोपी तकनीक का उपयोग कर सावधानीपूर्वक पिन निकालकर बच्चे को सुरक्षित बचा लिया। फिलहाल बच्चे की हालत सामान्य बताई जा रही है।
नाक से गले के बीच खतरनाक स्थिति में फंसा था पिन
एमबीएस अस्पताल के ईएनटी विभाग के अनुसार 21 जुलाई को बच्चे को आपातकालीन स्थिति में अस्पताल लाया गया। परिजनों ने बताया कि खेलते समय सेफ्टी पिन उसकी नाक में चली गई थी। जांच के दौरान पता चला कि पिन नाक से आगे बढ़कर गले और सिर के बीच स्थित एडिनॉइड क्षेत्र में जाकर फंस गई थी। पिन खुली हुई थी, जिससे अंदरूनी हिस्से में चोट लगने के साथ रक्तस्राव भी हो गया था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए चिकित्सकों ने तत्काल ऑपरेशन का निर्णय लिया।
एंडोस्कोपी से सफल रहा जटिल ऑपरेशन
ईएनटी विभाग के चिकित्सकों ने बच्चे को बेहोश कर एंडोस्कोपी की सहायता से पिन निकालने की प्रक्रिया शुरू की। अंदर जमा खून के कारण पिन दिखाई नहीं दे रही थी, इसलिए पहले सक्शन मशीन से रक्त साफ किया गया। इसके बाद खुली हुई पिन को बेहद सावधानी से बाहर निकाला गया, ताकि अंदरूनी ऊतकों को अतिरिक्त नुकसान न पहुंचे। चिकित्सकों ने बताया कि पूरी प्रक्रिया सफल रही और ऑपरेशन के बाद बच्चे की स्थिति स्थिर है। वर्तमान में वह सामान्य रूप से भोजन भी कर रहा है।
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खेलते-खेलते हुआ हादसा
परिजनों के अनुसार बच्चा 20 जुलाई की शाम घर पर खेल रहा था। इसी दौरान उसे सेफ्टी पिन मिल गई और खेलते-खेलते उसने उसे नाक में डाल लिया। जब तक परिवार को इसकी जानकारी मिली, तब तक पिन अंदर जा चुकी थी। पहले बच्चे को बूंदी जिला अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वहां पिन नहीं निकल सकी। इसके बाद उसे कोटा के एमबीएस अस्पताल रेफर किया गया, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों ने सफल उपचार किया।
डॉक्टरों ने अभिभावकों को दी महत्वपूर्ण सलाह
चिकित्सकों ने अभिभावकों से अपील की है कि छोटे बच्चों की पहुंच से सेफ्टी पिन, मोती, मटर, मूंगफली, चना, गेहूं, रबर के छोटे टुकड़े और अन्य नुकीली या छोटी वस्तुएं दूर रखें। बच्चे अक्सर खेलते समय इन्हें नाक, कान या मुंह में डाल लेते हैं, जिससे गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा हो सकता है। विशेषज्ञों ने सलाह दी कि ऐसी किसी भी घटना की स्थिति में घरेलू उपाय करने के बजाय तुरंत निकटतम अस्पताल पहुंचकर विशेषज्ञ चिकित्सक से उपचार कराना चाहिए।