राम मंदिर चढ़ावा मामले पर इकबाल अंसारी की प्रतिक्रिया, बोले- सुप्रीम कोर्ट का सम्मान, ट्रस्ट में योग्य लोगों को मिले जिम्मेदारी
अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद अब बाबरी मस्जिद-राम जन्मभूमि विवाद के पूर्व पक्षकार इकबाल अंसारी ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने न्यायालय के निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि सर्वोच्च न्यायालय का आदेश देश के कानून का हिस्सा है और उसका सम्मान किया जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने मंदिर ट्रस्ट में योग्य और ईमानदार लोगों को जिम्मेदारी देने की भी बात कही।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले का किया स्वागत
इकबाल अंसारी ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय का निर्णय सभी के लिए मान्य है और देश का हर नागरिक कानून का सम्मान करता है। उनके अनुसार यदि अदालत ने मामले की दोबारा जांच या अन्य आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं, तो उनका पालन होना चाहिए। उन्होंने कहा कि अयोध्या के संत, स्थानीय लोग और श्रद्धालु न्यायालय के फैसले का सम्मान कर रहे हैं। अंसारी ने विश्वास जताया कि कानूनी प्रक्रिया के जरिए पूरे मामले के तथ्य स्पष्ट होंगे और न्याय सुनिश्चित होगा।
ट्रस्ट में बदलाव पर कही यह बात
राम मंदिर ट्रस्ट में संभावित बदलावों को लेकर इकबाल अंसारी ने कहा कि यदि नए लोगों को जिम्मेदारी दी जाती है तो ऐसे व्यक्तियों का चयन होना चाहिए जो ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ कार्य करें। उन्होंने कहा कि अयोध्या धार्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र है और यहां की संस्थाओं में जिम्मेदार लोगों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। उनके अनुसार बेहतर प्रबंधन और पारदर्शी व्यवस्था से श्रद्धालुओं का विश्वास और मजबूत होगा।
चढ़ावे में अनियमितता को बताया निंदनीय
इकबाल अंसारी ने कहा कि श्रद्धालु भगवान के प्रति आस्था और मंदिर की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने की भावना से दान करते हैं। ऐसे में यदि चढ़ावे से जुड़ी किसी भी प्रकार की अनियमितता या चोरी सामने आती है तो यह बेहद गंभीर और निंदनीय है। उन्होंने कहा कि धार्मिक संस्थानों में पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखना आवश्यक है ताकि लोगों का विश्वास कायम रहे और दान की राशि का सही उपयोग सुनिश्चित हो सके।
आज ट्रस्ट की महत्वपूर्ण बैठक, कई मुद्दों पर हो सकती है चर्चा
राम मंदिर ट्रस्ट की आज होने वाली बैठक को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बैठक में ट्रस्ट के रिक्त पदों पर नियुक्तियों के साथ-साथ मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था, वित्तीय प्रबंधन और प्रशासनिक पारदर्शिता जैसे विषयों पर चर्चा होने की संभावना है। ट्रस्ट अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में भविष्य की व्यवस्थाओं और संगठनात्मक ढांचे से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा सकते हैं। वहीं, चढ़ावे से जुड़े मामले में कानूनी प्रक्रिया भी आगे बढ़ रही है।
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