जंतर-मंतर ड्यूटी पर पुलिसकर्मी की मौत की वायरल खबर निकली फर्जी, दिल्ली पुलिस ने किया खंडन
दिल्ली के जंतर-मंतर पर ड्यूटी के दौरान एक पुलिसकर्मी की हार्ट अटैक से मौत होने का दावा सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने इस खबर का खंडन करते हुए स्पष्ट किया कि ऐसी कोई घटना सामने नहीं आई है। पुलिस ने लोगों से अपुष्ट खबरों पर विश्वास न करने और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की है।
सोशल मीडिया पर तेजी से फैली मौत की अफवाह
बुधवार को सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर यह दावा किया गया कि जंतर-मंतर पर तैनात दिल्ली पुलिस के 42 वर्षीय जवान की ड्यूटी के दौरान हार्ट अटैक से मौत हो गई। कुछ पोस्ट में जवान का नाम भी साझा किया गया, जिसके बाद यह खबर तेजी से वायरल होने लगी। मामले ने देखते ही देखते लोगों का ध्यान खींचा और कई यूजर्स बिना पुष्टि के इसे आगे साझा करने लगे। हालांकि, शुरुआती जांच में इस दावे की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई।
दिल्ली पुलिस ने दावे को बताया पूरी तरह गलत
वायरल दावे के बाद दिल्ली पुलिस ने मामले की जांच कर स्पष्ट किया कि उनके रिकॉर्ड में ऐसी किसी घटना की जानकारी नहीं है। अधिकारियों ने बताया कि सभी संबंधित इकाइयों और स्तरों पर जानकारी जुटाई गई, लेकिन किसी पुलिसकर्मी की हार्ट अटैक से मौत की पुष्टि नहीं हुई। पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित यह दावा भ्रामक और तथ्यहीन है। यदि अफवाह फैलाने के स्रोत की पहचान होती है तो उसके खिलाफ आवश्यक कार्रवाई भी की जा सकती है।
अफवाहों से बचने की पुलिस ने की अपील
दिल्ली पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी संवेदनशील खबर को साझा करने से पहले उसकी आधिकारिक पुष्टि अवश्य करें। पुलिस ने कहा कि अपुष्ट जानकारी सोशल मीडिया पर तेजी से फैलकर भ्रम और अनावश्यक चिंता पैदा करती है। इसलिए लोगों को केवल अधिकृत सरकारी या पुलिस स्रोतों से जारी जानकारी पर ही भरोसा करना चाहिए और बिना सत्यापन के किसी भी पोस्ट या संदेश को आगे साझा करने से बचना चाहिए।
भ्रामक सूचनाओं पर बढ़ी निगरानी
पुलिस अधिकारियों ने संकेत दिया कि सोशल मीडिया पर फैलने वाली फर्जी खबरों और अफवाहों पर लगातार नजर रखी जा रही है। यदि कोई व्यक्ति या प्लेटफॉर्म जानबूझकर गलत जानकारी फैलाते हुए पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जा सकती है। अधिकारियों ने कहा कि जिम्मेदार डिजिटल व्यवहार अपनाना सभी नागरिकों की साझा जिम्मेदारी है, ताकि गलत सूचनाओं के कारण कानून-व्यवस्था या जनसामान्य में भ्रम की स्थिति उत्पन्न न हो।