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रिश्तेदारी का विवाद बना जानलेवा: समझौते की पंचायत में बुजुर्ग की मौत, हत्या का केस दर्ज

राजस्थान में रिश्तेदारी का विवाद सुलझाने के लिए बुलाई गई एक पंचायत दर्दनाक हादसे में बदल गई। श्रीगंगानगर जिले के सूरतगढ़ में समझौते के लिए पहुंचे 71 वर्षीय बुजुर्ग की कथित मारपीट के बाद मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस ने शिकायत के आधार पर हत्या सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस घटना ने पारिवारिक विवादों के हिंसक रूप लेने पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

बेटी के वैवाहिक विवाद को सुलझाने पहुंचे थे परिजन

जानकारी के अनुसार, नोखा निवासी एक परिवार अपनी बेटी के वैवाहिक विवाद का समाधान निकालने के लिए सूरतगढ़ पहुंचा था। परिवार की बेटी का अपने ससुराल पक्ष से लंबे समय से विवाद चल रहा था और इसी को लेकर दोनों पक्षों के बीच बातचीत तय की गई थी। शुरुआत में बातचीत सामान्य माहौल में हुई, लेकिन कुछ देर बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया। आरोप है कि कहासुनी बढ़ने के बाद दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की और विवाद शुरू हो गया, जिसने देखते ही देखते हिंसक रूप ले लिया।

मारपीट के बाद बिगड़ी बुजुर्ग की हालत

परिजनों का आरोप है कि विवाद के दौरान 71 वर्षीय लक्ष्मण सोनी के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की गई। घटना के बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया। चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। परिवार का आरोप है कि बुजुर्ग की मौत मारपीट के कारण हुई है। घटना के बाद पूरे परिवार में शोक का माहौल है और स्थानीय स्तर पर भी इस घटना की चर्चा हो रही है।

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पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर शुरू की जांच

घटना की सूचना मिलने पर सूरतगढ़ थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। मृतक के परिजनों की शिकायत के आधार पर पुलिस ने हत्या सहित अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घटनास्थल से मिले साक्ष्यों, गवाहों के बयान और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। जांच के दौरान विवाद की पूरी परिस्थितियों और सभी पक्षों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।

लगातार सामने आ रहे पंचायत विवादों ने बढ़ाई चिंता

राजस्थान में हाल के दिनों में पंचायत या समझौता बैठकों के दौरान हिंसा की घटनाएं बढ़ती दिखाई दे रही हैं। कुछ दिन पहले बीकानेर जिले के छतरगढ़ क्षेत्र में भी रिश्तेदारी से जुड़े विवाद के दौरान बुलाई गई पंचायत खूनी संघर्ष में बदल गई थी, जिसमें तीन लोगों की जान चली गई थी। ताजा घटना ने एक बार फिर यह चिंता बढ़ा दी है कि पारिवारिक और सामाजिक विवादों को बातचीत से सुलझाने की कोशिश कई बार हिंसक टकराव में बदल रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में संयम और कानूनी प्रक्रिया का सहारा लेना ही सबसे सुरक्षित विकल्प है।

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Stv News Rajasthan

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