दिल्ली प्रदर्शन के बीच वायरल वीडियो पर सियासी संग्राम, बीजेपी नेता ने कांग्रेस सांसद पर पुलिसकर्मी से मारपीट का लगाया आरोप
दिल्ली में छात्रों के समर्थन में हुए कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन के बाद एक वायरल वीडियो को लेकर नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। भाजपा के केरल आईटी सेल प्रमुख अभिजीत राधाकृष्णन ने दावा किया है कि हिरासत के दौरान कांग्रेस सांसद डीन कुरियाकोस ने एक पुलिसकर्मी के साथ धक्का-मुक्की की। हालांकि कांग्रेस ने इन आरोपों पर अभी तक आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है और वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि भी नहीं हो सकी है।
वायरल वीडियो को लेकर भाजपा का दावा
दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए कांग्रेस नेताओं से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। भाजपा नेता अभिजीत राधाकृष्णन ने इस वीडियो को साझा करते हुए दावा किया कि इसमें केरल से कांग्रेस सांसद डीन कुरियाकोस पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की करते दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस पुलिस कार्रवाई को लेकर एकतरफा तस्वीर पेश करने की कोशिश कर रही है। हालांकि इस वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और आरोपों की आधिकारिक जांच या पुष्टि अभी सामने नहीं आई है।
कांग्रेस का प्रदर्शन और पुलिस की कार्रवाई
दिल्ली में छात्रों के मुद्दों को लेकर कांग्रेस ने बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन किया था। प्रदर्शन में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा सहित कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया। कांग्रेस का आरोप है कि शांतिपूर्ण विरोध के बावजूद पुलिस ने कार्रवाई की, जबकि पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए।
केरल के मंत्री भी हिरासत में लिए गए
प्रदर्शन के दौरान केरल सरकार के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री पी.सी. विष्णुनाथ को भी दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि उन्होंने पुलिस को अपने मंत्री होने की जानकारी दी थी, लेकिन इसके बावजूद उन्हें अन्य प्रदर्शनकारियों के साथ हिरासत में ले जाया गया। इस घटनाक्रम के बाद कांग्रेस ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए, जबकि पुलिस की ओर से इस संबंध में विस्तृत बयान का इंतजार है।
वीडियो की पुष्टि नहीं, जांच का इंतजार
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को लेकर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं, लेकिन इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले आधिकारिक जांच या संबंधित एजेंसियों की रिपोर्ट का इंतजार किया जाना चाहिए। फिलहाल यह मामला राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का विषय बना हुआ है और दोनों पक्ष अपने-अपने दावे कर रहे हैं।
प्रदर्शन के बाद बढ़ा राजनीतिक टकराव
छात्रों के मुद्दे से शुरू हुआ विरोध अब राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है। विपक्ष सरकार पर लोकतांत्रिक विरोध को दबाने का आरोप लगा रहा है, जबकि भाजपा कानून-व्यवस्था और प्रदर्शन के दौरान हुई घटनाओं को लेकर विपक्ष पर सवाल उठा रही है। आने वाले दिनों में इस पूरे घटनाक्रम पर राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।