महाराष्ट्र में कृषि कर्जमाफी से पहले सख्त जांच, पहली लाभार्थी सूची आज होगी जारी
महाराष्ट्र सरकार ‘पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होल्कर कृषि ऋण माफी योजना’ के तहत पहली लाभार्थी सूची जारी करने जा रही है। सरकार ने योजना में केवल पात्र किसानों को लाभ सुनिश्चित करने के लिए इस बार सत्यापन प्रक्रिया को पहले से अधिक सख्त बनाया है। आयकर विभाग और बैंक रिकॉर्ड के मिलान के बाद ही अंतिम सूची तैयार की जा रही है, ताकि अपात्र लाभार्थियों को योजना से बाहर रखा जा सके।
पहली लाभार्थी सूची जारी करने की तैयारी पूरी
महाराष्ट्र सरकार ने कृषि ऋण माफी योजना के तहत पात्र किसानों की पहली सूची जारी करने की तैयारी पूरी कर ली है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बताया कि संबंधित विभाग लाभार्थियों की सूची को अंतिम रूप देने में जुटा है। सरकार का लक्ष्य है कि सूची जारी होने के बाद पात्र किसानों को जल्द से जल्द योजना का लाभ मिलना शुरू हो। कृषि विभाग का भी कहना है कि जुलाई के अंत तक पात्र किसानों के खातों में राहत पहुंचाने की प्रक्रिया शुरू करने का प्रयास किया जा रहा है।
आयकर विभाग से कराया गया लाभार्थियों का सत्यापन
सरकार ने इस बार योजना में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए संभावित लाभार्थियों की सूची आयकर विभाग को सत्यापन के लिए भेजी है। अधिकारियों के अनुसार, लगभग 25 लाख संभावित लाभार्थियों का डेटा जांच के लिए साझा किया गया है। यदि जांच में कोई किसान आयकरदाता पाया जाता है, तो उसे योजना के दायरे से बाहर रखा जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे केवल वास्तविक और पात्र किसानों तक ही कर्जमाफी का लाभ पहुंचेगा।
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56 लाख किसानों को मिलेगा योजना का लाभ
राज्य सरकार के अनुमान के अनुसार इस योजना से लगभग 56 लाख किसानों को राहत मिलने की संभावना है। योजना के तहत पात्र किसानों के दो लाख रुपये तक के फसल ऋण माफ किए जाएंगे। इसके लिए सरकार ने करीब 36,585 करोड़ रुपये का वित्तीय प्रावधान किया है, जबकि शुरुआती चरण में 20,000 करोड़ रुपये की राशि उपलब्ध कराई गई है। सरकार का कहना है कि यह योजना किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगी।
बैंक रिकॉर्ड की भी होगी गहन जांच
केवल आयकर रिकॉर्ड ही नहीं, बल्कि बैंकों द्वारा अपलोड किए गए ऋण संबंधी दस्तावेजों और किसान विवरण का भी मिलान किया जाएगा। अधिकारियों के मुताबिक, सभी सूचनाओं का सत्यापन पूरा होने के बाद ही अंतिम लाभार्थी सूची तैयार होगी। सरकार का उद्देश्य किसी भी प्रकार की त्रुटि या अपात्र व्यक्ति को लाभ मिलने की संभावना को समाप्त करना है।
पिछले अनुभव से सबक लेकर बनाई नई व्यवस्था
सरकार का कहना है कि पिछली कुछ योजनाओं में पात्रता संबंधी विवाद सामने आने के बाद इस बार सत्यापन प्रक्रिया को अधिक मजबूत बनाया गया है। इसी कारण लाभार्थियों की जांच कई स्तरों पर की जा रही है। कृषि ऋण माफी योजना की समयसीमा पहले दो बार बढ़ाई जा चुकी है, लेकिन अब सरकार को उम्मीद है कि पहली सूची जारी होने के बाद पूरी प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ेगी और पात्र किसानों को निर्धारित समय में लाभ मिल सकेगा।