रूसी हमले में 4 भारतीय नाविकों की मौत पर भारत सख्त, जयशंकर ने लावरोव से कहा- यह बर्दाश्त नहीं
यूक्रेन युद्ध क्षेत्र में एक व्यावसायिक जहाज पर हुए रूसी हमले में चार भारतीय नाविकों की मौत के बाद भारत ने कड़ा रुख अपनाया है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने फिलीपींस की राजधानी मनीला में रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से मुलाकात के दौरान इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता जताई।
मनीला में हुई दोनों नेताओं की अहम बैठक
आसियान से जुड़ी विदेश मंत्रियों की बैठकों के दौरान एस. जयशंकर और रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के बीच द्विपक्षीय वार्ता हुई। बैठक में भारत-रूस संबंधों के साथ-साथ व्यापार, निवेश, ऊर्जा, कनेक्टिविटी, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, मोबिलिटी, यूक्रेन युद्ध और खाड़ी क्षेत्र की स्थिति पर भी विस्तार से चर्चा हुई। बैठक के बाद जयशंकर ने सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए कहा कि उन्होंने यूक्रेन संघर्ष क्षेत्र में काम कर रहे भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर भारत की गहरी चिंता रूसी पक्ष के सामने रखी।
MV Golden Lion पर हमले में गई चार भारतीयों की जान
यह बैठक उस घटना के तुरंत बाद हुई, जिसमें MV Golden Lion नामक एक व्यावसायिक जहाज पर हुए हमले में चार भारतीय नाविकों की मौत हो गई थी। घटना के बाद भारत सरकार ने रूस के कार्यवाहक राजदूत (Chargé d’Affaires) व्लादिमीर लादानोव को तलब कर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया। विदेश मंत्रालय ने कहा कि नागरिक जहाजों को निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा और वैश्विक व्यापार के लिए गंभीर खतरा है।
यूक्रेन ने रूस पर लगाया मिसाइल हमले का आरोप
यूक्रेनी नौसेना के अनुसार, गिनी-बिसाऊ के झंडे वाले इस मालवाहक जहाज पर रूस ने तीन Kh-59/Kh-69 क्रूज मिसाइलों से हमला किया। दावा किया गया कि जहाज अनाज लेकर जा रहा था और युद्ध क्षेत्र से बाहर निकलने की कोशिश कर रहा था। मिसाइल लगने के बाद जहाज में आग लग गई, जिसके बाद बचाव अभियान चलाया गया। हालांकि, रूस की ओर से इस आरोप पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
भारत ने दोहराई नागरिकों की सुरक्षा की मांग
भारत ने स्पष्ट किया है कि युद्ध प्रभावित क्षेत्रों में काम कर रहे भारतीय नागरिकों और नाविकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि इस तरह की घटनाएं स्वीकार्य नहीं हैं और अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए।