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Wangchuk Wife Assaulted: वांगचुक की पत्नी पर बदसलूकी का आरोप, 12 साल की बच्ची घायल; CJP प्रदर्शन पर बवाल

दिल्ली के जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक समर्थकों के प्रदर्शन और संसद मार्च के दौरान पुलिस कार्रवाई को लेकर विवाद गहरा गया है। CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) ने दिल्ली पुलिस पर प्रदर्शनकारियों के साथ कथित दुर्व्यवहार और लाठीचार्ज के आरोप लगाए हैं। संगठन का दावा है कि सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि अंगमो के साथ बदसलूकी हुई और एक 12 साल की बच्ची समेत कई लोग घायल हुए। वहीं दिल्ली पुलिस ने बल प्रयोग से जुड़े आरोपों को खारिज करते हुए स्थिति को नियंत्रण में बताया है।

जंतर-मंतर पर टकराव, प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच बढ़ा तनाव

संसद के मानसून सत्र के पहले दिन जंतर-मंतर से संसद की ओर मार्च करने की कोशिश के दौरान हालात तनावपूर्ण हो गए। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने बैरिकेडिंग की और सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई। आंदोलनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बनी, जिसके बाद पुलिस कार्रवाई को लेकर सवाल उठने लगे। सोशल मीडिया पर सामने आए कुछ वीडियो को लेकर विपक्ष और प्रदर्शनकारी पुलिस की भूमिका पर सवाल उठा रहे हैं।

वांगचुक की पत्नी के साथ बदसलूकी का CJP ने लगाया आरोप

CJP प्रवक्ता सौरव दास ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि अंगमो के साथ पुलिस ने दुर्व्यवहार किया। उन्होंने दावा किया कि उनके बाल खींचे गए और प्रदर्शनकारियों के साथ सख्ती बरती गई। इसके अलावा संगठन ने कहा कि झड़प के दौरान एक 12 साल की बच्ची घायल हो गई और कई अन्य प्रदर्शनकारियों को चोटें आईं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

दिल्ली पुलिस ने आरोपों को बताया गलत, कहा- कानून के तहत हुई कार्रवाई

प्रदर्शनकारियों के आरोपों पर दिल्ली पुलिस ने सफाई देते हुए कहा कि स्थिति को नियंत्रित करने के लिए नियमानुसार कार्रवाई की गई। पुलिस ने बल प्रयोग और हिरासत से जुड़ी कुछ खबरों को गलत बताते हुए लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। पुलिस का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना जरूरी था क्योंकि प्रदर्शन संसद के बेहद करीब पहुंच गया था। वहीं कुछ वायरल वीडियो को लेकर जांच की बात भी सामने आई है।

प्रदर्शनकारियों की मांग- शिक्षा मंत्री का इस्तीफा और परीक्षा सुधार

CJP समर्थकों का कहना है कि उनका आंदोलन शिक्षा व्यवस्था में सुधार, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और छात्रों के हितों से जुड़े मुद्दों को लेकर है। प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी उठाई। उनका आरोप है कि छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं सुना जा रहा है। आंदोलन के चलते दिल्ली के कई इलाकों में यातायात प्रभावित हुआ और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

नई दिल्ली में धारा 163 लागू, सुरक्षा व्यवस्था हुई मजबूत

संसद सत्र को देखते हुए नई दिल्ली जिले में सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया गया है। दिल्ली पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू की है, जिसके तहत बिना अनुमति के बड़ी संख्या में लोगों के एकत्र होने और मार्च निकालने पर रोक लगाई गई है। संसद भवन और आसपास के संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल और सुरक्षा एजेंसियों की तैनाती की गई है।

क्या हैं सोनम वांगचुक समर्थकों की प्रमुख मांगें?

सोनम वांगचुक और लद्दाख से जुड़े प्रदर्शनकारी लंबे समय से कई मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। इनमें लद्दाख को संविधान की छठी अनुसूची में शामिल करने की मांग प्रमुख है, ताकि स्थानीय संस्कृति, जमीन और जनजातीय अधिकारों को संवैधानिक संरक्षण मिल सके। इसके अलावा लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने, अलग विधानसभा बनाने और हिमालयी पर्यावरण की सुरक्षा के लिए कड़े कानून लागू करने की मांग भी शामिल है।

लद्दाख आंदोलन पहुंचा दिल्ली, बढ़ी राजनीतिक चुनौती

सोनम वांगचुक पहले भी लद्दाख के मुद्दों को लेकर भूख हड़ताल और आंदोलन कर चुके हैं, जिन्हें देश के विभिन्न हिस्सों से समर्थन मिला था। अब दिल्ली में हुए प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई के बाद यह मुद्दा राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आ गया है। विपक्ष ने भी इसे लेकर सरकार पर निशाना साधना शुरू कर दिया है, जबकि प्रशासन कानून-व्यवस्था बनाए रखने को अपनी प्राथमिकता बता रहा है।

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