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भाजपा नेता अशोक चांडक के ठिकानों पर ED की रेड, जयपुर-श्रीगंगानगर में कई जगह तलाशी

राजस्थान में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शुक्रवार सुबह भाजपा नेता और शराब कारोबारी अशोक चांडक से जुड़े कई ठिकानों पर छापेमारी की। ईडी की टीमों ने जयपुर और श्रीगंगानगर में उनके आवास, कार्यालय, व्यावसायिक परिसरों और रिश्तेदारों के घरों पर सर्च ऑपरेशन चलाया। कार्रवाई को बेहद गोपनीय रखा गया और स्थानीय पुलिस को भी इसकी पहले से जानकारी नहीं दी गई। हालांकि, छापेमारी किस मामले से जुड़ी है और क्या-क्या बरामद हुआ है, इस संबंध में ईडी की ओर से अभी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

सुबह तड़के पहुंची ED की टीमें, कई ठिकानों पर एक साथ कार्रवाई

राजस्थान में शुक्रवार सुबह केंद्रीय जांच एजेंसी की कार्रवाई से हलचल मच गई। प्रवर्तन निदेशालय की अलग-अलग टीमों ने करीब सुबह 5 बजे भाजपा नेता और शराब कारोबारी अशोक चांडक से जुड़े जयपुर और श्रीगंगानगर के कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। अधिकारियों ने उनके आवास, कार्यालय और व्यावसायिक परिसरों में पहुंचकर दस्तावेजों की जांच शुरू की। अचानक हुई इस कार्रवाई के बाद आसपास के इलाकों में भी चर्चा तेज हो गई। जांच एजेंसी की टीमें कई घंटे तक रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों की पड़ताल करती रहीं।

रिश्तेदारों और करीबियों के घर भी पहुंचे ED अधिकारी

ईडी की जांच का दायरा अशोक चांडक के निजी ठिकानों तक सीमित नहीं रहा। जांच एजेंसी की टीमों ने श्रीगंगानगर के निकुंज बिहार और जवाहर नगर स्थित उनके रिश्तेदारों के आवासों पर भी तलाशी अभियान चलाया। इसके अलावा जयपुर के वैशाली नगर क्षेत्र में चांडक परिवार से जुड़े कुछ करीबियों के परिसरों की भी जांच की गई। सूत्रों के अनुसार, अधिकारियों ने वित्तीय लेन-देन, संपत्ति से जुड़े दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और कारोबारी गतिविधियों से संबंधित रिकॉर्ड खंगाले।

मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले की आशंका, आधिकारिक पुष्टि बाकी

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, ईडी की यह कार्रवाई कथित वित्तीय अनियमितताओं और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े किसी मामले की जांच के तहत की गई है। हालांकि, प्रवर्तन निदेशालय ने अभी तक इस छापेमारी को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। जांच एजेंसी की ओर से बरामद दस्तावेजों, पूछताछ या आगे की कार्रवाई के बारे में भी कोई जानकारी साझा नहीं की गई है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने और दस्तावेजों के विश्लेषण के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

गोपनीय तरीके से हुई कार्रवाई, स्थानीय पुलिस को नहीं लगी भनक

ईडी की इस कार्रवाई की सबसे बड़ी विशेषता इसकी गोपनीयता रही। जानकारी के मुताबिक, केंद्रीय एजेंसी ने छापेमारी की पूरी योजना को बेहद सीमित दायरे में रखा। स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को भी कार्रवाई से पहले कोई सूचना नहीं दी गई। जांच एजेंसी ने सुरक्षा और गोपनीयता बनाए रखने के लिए सीधे अपने स्तर पर ऑपरेशन को अंजाम दिया। फिलहाल सभी ठिकानों पर हुई जांच और बरामद दस्तावेजों की समीक्षा की जा रही है।

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Stv News Rajasthan

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