आसाराम की अंतरिम जमानत पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, राजस्थान सरकार से मांगी मेडिकल रिपोर्ट
नाबालिग से दुष्कर्म मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे आसाराम बापू की अंतरिम जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को सुनवाई की। अदालत ने राजस्थान सरकार से आसाराम की ताजा मेडिकल रिपोर्ट मांगी है। कोर्ट ने कहा कि यदि स्वास्थ्य स्थिति वास्तव में गंभीर पाई जाती है तो इलाज के लिए सीमित अवधि की राहत पर विचार किया जा सकता है। अब राजस्थान सरकार की रिपोर्ट के बाद ही जमानत याचिका पर आगे फैसला होगा।
सुप्रीम कोर्ट ने मांगी स्वास्थ्य स्थिति की विस्तृत जानकारी
आसाराम ने खराब स्वास्थ्य का हवाला देते हुए सुप्रीम कोर्ट में अंतरिम जमानत की मांग की थी। सुनवाई के दौरान अदालत ने राजस्थान सरकार को निर्देश दिया कि वह उनकी मौजूदा स्वास्थ्य स्थिति की जांच कर रिपोर्ट पेश करे। कोर्ट ने कहा कि मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर यह तय किया जाएगा कि क्या उन्हें इलाज के लिए अस्थायी राहत की आवश्यकता है। अदालत ने मामले को गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य संबंधी सभी पहलुओं की जानकारी मांगी है।
ये भी पढ़ें – तेलंगाना अस्पताल में प्रसव के दौरान हंगामा, महिला ने स्टाफ की लापरवाही का लगाया आरोप; नवजात घायल
सरकार बोली- फिलहाल स्वास्थ्य स्थिति ठीक, फिर भी मांगी जाएगी रिपोर्ट
राजस्थान सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि वर्तमान में आसाराम की स्वास्थ्य स्थिति ठीक बताई जा रही है। उन्होंने सुनवाई के दौरान कहा कि कुछ समय पहले आसाराम ने अयोध्या और काशी विश्वनाथ मंदिर की यात्रा भी की थी। हालांकि, सरकार ने अदालत को भरोसा दिया कि संबंधित अधिकारियों से ताजा मेडिकल रिपोर्ट और आवश्यक जानकारी जुटाकर पेश की जाएगी।
21 जुलाई तक रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान सरकार को 21 जुलाई तक जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने कहा कि यदि मेडिकल रिपोर्ट में स्वास्थ्य स्थिति गंभीर पाई जाती है तो इलाज के उद्देश्य से सीमित अवधि के लिए अंतरिम जमानत देने पर विचार किया जा सकता है। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि फैसला केवल मेडिकल स्थिति और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर लिया जाएगा।
2013 में गिरफ्तारी, 2018 में मिली उम्रकैद की सजा
आसाराम को वर्ष 2013 में जोधपुर आश्रम से जुड़े नाबालिग दुष्कर्म मामले में गिरफ्तार किया गया था। मामले की सुनवाई के बाद अप्रैल 2018 में जोधपुर की विशेष अदालत ने उन्हें दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। इसके बाद से वह जेल में बंद हैं। आसाराम ने इस फैसले को राजस्थान हाईकोर्ट में चुनौती दी है।
हाईकोर्ट में अपील पर फैसला अभी सुरक्षित
उम्रकैद की सजा के खिलाफ आसाराम की अपील पर राजस्थान हाईकोर्ट में सुनवाई पूरी हो चुकी है। सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रखा है। वहीं, सुप्रीम कोर्ट में चल रही अंतरिम जमानत याचिका पर अब राजस्थान सरकार की मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद आगे की सुनवाई होगी।
https://www.facebook.com/StvNews2006