#धार्मिक #राज्य-शहर

सांवलिया सेठ के दरबार में अनोखी भेंट, जयपुर भक्त ने चढ़ाई 20 लाख की सोने की बांसुरी

राजस्थान के चित्तौड़गढ़ स्थित प्रसिद्ध श्री सांवलिया सेठ मंदिर में आस्था की अनोखी मिसाल सामने आई है। जयपुर के एक श्रद्धालु परिवार ने भगवान सांवलिया सेठ को 137 ग्राम शुद्ध सोने से निर्मित बांसुरी भेंट की है। इस बांसुरी की कीमत करीब 20 लाख रुपये बताई जा रही है। मंदिर प्रशासन ने धार्मिक परंपराओं के अनुसार भेंट स्वीकार कर श्रद्धालु परिवार का सम्मान किया। भगवान श्रीकृष्ण के प्रति श्रद्धा और भक्ति का प्रतीक मानी जा रही यह सोने की बांसुरी भक्तों के बीच आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।

विधि-विधान के साथ मंदिर प्रशासन को सौंपी गई बांसुरी

जयपुर से पहुंचे श्रद्धालु परिवार ने मंदिर के भेंट कक्ष में पहुंचकर धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ सोने की बांसुरी भगवान सांवलिया सेठ को समर्पित की। मंदिर मंडल प्रशासन ने इस विशेष भेंट को सम्मानपूर्वक स्वीकार किया और परिवार को इसकी आधिकारिक रसीद प्रदान की। मंदिर की परंपरा के अनुसार श्रद्धालु परिवार का ऊपरना ओढ़ाकर स्वागत किया गया। इसके साथ ही उन्हें सांवलिया सेठ का प्रसाद और भगवान की तस्वीर स्मृति स्वरूप भेंट की गई।

यह भी पढ़ें – पेपर लीक आरोपी सुरेश ढाका से जुड़ी 20 करोड़ की बजरी लीज पर संकट, खान विभाग ने जारी किया नोटिस

137 ग्राम शुद्ध सोने से तैयार की गई बांसुरी

मंदिर प्रशासन के अनुसार, श्रद्धालु द्वारा अर्पित की गई बांसुरी 137 ग्राम शुद्ध सोने से बनी है। बाजार मूल्य के हिसाब से इसकी कीमत करीब 20 लाख रुपये आंकी जा रही है। भगवान श्रीकृष्ण और बांसुरी का धार्मिक संबंध सदियों पुराना माना जाता है। बांसुरी को प्रेम, शांति, भक्ति और मधुरता का प्रतीक माना जाता है। इसी भावना के साथ श्रद्धालु परिवार ने अपने आराध्य को यह विशेष भेंट अर्पित की।

सांवलिया सेठ मंदिर में भक्तों की गहरी आस्था

चित्तौड़गढ़ जिले में स्थित श्री सांवलिया सेठ मंदिर देशभर में प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों में शामिल है। यहां भगवान श्रीकृष्ण के सांवले स्वरूप की पूजा सांवलिया सेठ के रूप में की जाती है। मान्यता है कि भक्त सच्चे मन से यहां अपनी मनोकामना लेकर आते हैं और इच्छा पूरी होने पर अपनी श्रद्धा के अनुसार चढ़ावा अर्पित करते हैं। इसी आस्था के चलते मंदिर में समय-समय पर सोना, चांदी और अन्य मूल्यवान वस्तुएं भेंट की जाती हैं।

दानपात्र से निकलता है करोड़ों का चढ़ावा

सांवलिया सेठ मंदिर का भंडार भी हमेशा चर्चा में रहता है। मंदिर के दानपात्रों की गिनती के दौरान अक्सर बड़ी मात्रा में नकदी, सोना, चांदी और आभूषण प्राप्त होते हैं। मंदिर प्रशासन इन दान राशि और वस्तुओं का उपयोग धार्मिक आयोजनों, मंदिर विकास और सामाजिक कार्यों में करता है। जयपुर श्रद्धालु परिवार द्वारा चढ़ाई गई सोने की बांसुरी भी मंदिर में आने वाले भक्तों के लिए आस्था का विशेष आकर्षण बन गई है।

भंडार की गिनती में अब तक 16 करोड़ से ज्यादा राशि

श्री सांवलियाजी मंदिर के भंडार की गिनती में भी बड़ी राशि सामने आई है। दूसरे चरण की गणना में दानपात्र से 6 करोड़ 49 लाख रुपये की राशि प्राप्त हुई। पहले और दूसरे चरण को मिलाकर अब तक कुल राशि 16 करोड़ 60 लाख 83 हजार रुपये से अधिक पहुंच चुकी है। मंदिर प्रशासन के अनुसार, शेष राशि की गणना आगे के चरण में की जा रही है।

कड़ी सुरक्षा के बीच चल रही भंडार गणना

मंदिर मंडल की ओर से दानपात्र की गणना कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच कराई जा रही है। इस दौरान मंदिर प्रशासन के अधिकारी, बैंक प्रतिनिधि और अन्य कर्मचारी मौजूद रहते हैं। मंदिर प्रबंधन का कहना है कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शिता और निर्धारित नियमों के अनुसार पूरी की जाती है। सांवलिया सेठ मंदिर में बढ़ता चढ़ावा भक्तों की लगातार बढ़ रही आस्था को दर्शाता है।

https://x.com/home

https://www.facebook.com/

author avatar
Stv News Rajasthan

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *