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बिम्सटेक बैठक में अजीत डोभाल का सुरक्षा संदेश, ‘नेबरहुड फर्स्ट’ और ‘एक्ट ईस्ट’ नीति पर दिया जोर

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने बिम्सटेक देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा प्रमुखों की 5वीं बैठक में क्षेत्रीय सुरक्षा, कनेक्टिविटी और आर्थिक सहयोग को मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बदलते वैश्विक परिदृश्य में सदस्य देशों के बीच समन्वय और साझा रणनीति समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। डोभाल ने भारत की ‘नेबरहुड फर्स्ट’, ‘एक्ट ईस्ट’ और ‘महासागर’ (MAHASAGAR) विजन को क्षेत्रीय स्थिरता और विकास का आधार बताया।

भारत की विदेश नीति का अहम मंच है BIMSTEC

बैठक के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए अजीत डोभाल ने कहा कि भारत के लिए बिम्सटेक केवल एक क्षेत्रीय संगठन नहीं, बल्कि पड़ोसी देशों के साथ मजबूत रिश्तों की नीति का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने कहा कि ‘नेबरहुड फर्स्ट’ नीति पड़ोसी देशों के साथ विश्वास और सहयोग बढ़ाने पर आधारित है, जबकि ‘एक्ट ईस्ट’ नीति दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया के साथ आर्थिक, रणनीतिक और सांस्कृतिक संबंधों को नई मजबूती देती है। वहीं ‘महासागर’ विजन समुद्री क्षेत्र में सुरक्षा और साझा विकास की अवधारणा को आगे बढ़ाता है।

1.7 अरब आबादी और 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था

डोभाल ने कहा कि बिम्सटेक दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण और तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्रों में शामिल है। उन्होंने बताया कि सदस्य देशों की कुल आबादी करीब 1.7 अरब है, जो वैश्विक आबादी का लगभग 22 प्रतिशत हिस्सा है। वहीं इन देशों की संयुक्त अर्थव्यवस्था लगभग 5 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर की है। उनके अनुसार, यह समूह क्षेत्रीय विकास और वैश्विक आर्थिक सहयोग की दिशा में बड़ी भूमिका निभा सकता है।

बंगाल की खाड़ी साझा विरासत का प्रतीक

एनएसए ने कहा कि बंगाल की खाड़ी केवल भौगोलिक रूप से ही सदस्य देशों को नहीं जोड़ती, बल्कि हजारों वर्षों पुरानी सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और सभ्यतागत विरासत भी इन देशों के बीच मजबूत संबंधों की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि इन्हीं साझा मूल्यों और ऐतिहासिक रिश्तों के आधार पर बिम्सटेक देशों ने विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग का मजबूत ढांचा विकसित किया है, जिसका उद्देश्य क्षेत्र में समृद्धि और स्थिरता सुनिश्चित करना है।

आतंकवाद और साइबर खतरों से मिलकर निपटने पर जोर

अजीत डोभाल ने कहा कि बिम्सटेक देशों ने आतंकवाद, अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध, साइबर सुरक्षा और समुद्री सुरक्षा जैसे अहम क्षेत्रों में सहयोग को लगातार मजबूत किया है। उन्होंने कहा कि भविष्य में उभरने वाली नई चुनौतियों से निपटने के लिए भी सदस्य देशों को साझा रणनीति और बेहतर समन्वय के साथ आगे बढ़ना होगा। क्षेत्रीय सुरक्षा, क्षमता निर्माण, कनेक्टिविटी और आर्थिक सहयोग को उन्होंने संगठन की दीर्घकालिक प्राथमिकताएं बताया।

साझा प्रयासों से बनेगा सुरक्षित और समृद्ध क्षेत्र

डोभाल ने अपने संबोधन में कहा कि बिम्सटेक देशों का साझा लक्ष्य ऐसा क्षेत्र बनाना है जहां सुरक्षा, विकास और आर्थिक समृद्धि एक साथ आगे बढ़े। उन्होंने विश्वास जताया कि सदस्य देशों के बीच बढ़ता सहयोग पूरे क्षेत्र के लोगों के लिए बेहतर भविष्य और मजबूत साझेदारी का आधार बनेगा।

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