ईरान-अमेरिका तनाव के बीच वॉशिंगटन पहुंचे इराकी पीएम अली अल जैदी, ट्रंप ने की खुलकर तारीफ
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के बीच इराक के प्रधानमंत्री अली अल जैदी ने अपनी पहली आधिकारिक अमेरिका यात्रा की। वॉशिंगटन में उनकी मुलाकात राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से हुई, जहां ट्रंप ने उनकी जमकर प्रशंसा की। इस मुलाकात को ऐसे समय में अहम माना जा रहा है, जब इराक दोनों देशों के बीच संतुलन बनाए रखने की चुनौती का सामना कर रहा है।
ओवल ऑफिस में ट्रंप ने किया गर्मजोशी से स्वागत
वॉशिंगटन पहुंचने पर इराकी प्रधानमंत्री अली अल जैदी का व्हाइट हाउस में स्वागत किया गया। ओवल ऑफिस में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उन्हें एक मजबूत और प्रभावशाली नेता बताते हुए उनकी सराहना की। ट्रंप ने कहा कि अल जैदी एक “बेहतरीन फाइटर” हैं और दोनों देशों के बीच बेहतर संबंधों की दिशा में काम कर रहे हैं। मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं के बीच सौहार्दपूर्ण माहौल देखने को मिला।
तनाव के बीच भी जारी रही उच्चस्तरीय बातचीत
यह बैठक ऐसे समय हुई जब अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव लगातार बढ़ रहा है। बैठक के दौरान ट्रंप ने ईरान के खिलाफ अपनी रणनीति और क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा की। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इस दौरान अल जैदी शांत भाव से मौजूद रहे। विश्लेषकों का मानना है कि इराक के लिए अमेरिका और ईरान दोनों के साथ संबंध बनाए रखना कूटनीतिक रूप से बड़ी चुनौती बना हुआ है।
इराक के सामने संतुलन बनाने की चुनौती
सद्दाम हुसैन के शासन के बाद से इराक लगातार अमेरिका और ईरान के बीच संतुलन साधने की कोशिश करता रहा है। वर्तमान हालात में यह चुनौती और कठिन हो गई है। इराकी राजनीतिक नेतृत्व का कहना है कि अमेरिका के साथ आर्थिक और रणनीतिक सहयोग बढ़ाने का अर्थ यह नहीं है कि इराक ईरान के खिलाफ खड़ा हो गया है। देश अपनी स्वतंत्र विदेश नीति के तहत दोनों देशों के साथ संबंध बनाए रखना चाहता है।
वॉशिंगटन यात्रा को लेकर सामने आईं रिपोर्टें
अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अली अल जैदी की अमेरिका यात्रा को लेकर क्षेत्रीय स्तर पर काफी चर्चा रही। कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया कि ईरानी अधिकारियों ने इस यात्रा को लेकर अपनी चिंता जताई थी, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। वहीं व्हाइट हाउस का मानना है कि अल जैदी क्षेत्रीय राजनीति में स्वतंत्र रुख अपनाने वाले नेता हैं और अमेरिका के साथ सहयोग बढ़ाने के पक्षधर हैं।