PBM अस्पताल में प्रसूता की मौत के बाद बढ़ा विवाद, परिजनों ने मोर्चरी के बाहर धरना देकर शव लेने से किया इनकार
बीकानेर के पीबीएम अस्पताल में सिजेरियन प्रसव के बाद लंबे समय से उपचाराधीन एक प्रसूता की मौत के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया। मृतका के परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए मोर्चरी के बाहर धरना शुरू कर दिया और शव लेने से इनकार कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने निष्पक्ष मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम, जिम्मेदार चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई और पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता देने की मांग उठाई है। मामले को लेकर अस्पताल परिसर में पुलिस बल भी तैनात किया गया है।
न्याय की मांग को लेकर परिजनों का धरना, कार्रवाई की उठी मांग
प्रसूता की मौत के बाद बुधवार सुबह से परिजन और ग्रामीण पीबीएम अस्पताल की मोर्चरी के बाहर धरने पर बैठ गए। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे युवा नेता रामनिवास कूकणा ने कहा कि जब तक मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई नहीं होगी, तब तक धरना जारी रहेगा। प्रदर्शनकारियों ने सक्षम मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराने, पूरे उपचार की जांच कराने और मृतका के परिवार को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान अस्पताल परिसर में तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए पुलिस प्रशासन भी मौके पर तैनात रहा।
पति ने इलाज में लापरवाही के लगाए आरोप
मृतका कमला के पति मेघराज ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि उपचार के दौरान परिवार को मरीज की वास्तविक स्थिति और चिकित्सा प्रक्रिया की पूरी जानकारी नहीं दी गई। उनके अनुसार, मंगलवार को कमला को ऑपरेशन थिएटर ले जाया गया, लेकिन यह नहीं बताया गया कि किस उद्देश्य से उसे वहां ले जाया गया। करीब एक घंटे बाद उसे वापस आईसीयू लाया गया और कुछ समय बाद उसकी मौत की सूचना दी गई। मेघराज ने आरोप लगाया कि इलाज में लापरवाही हुई तथा परिवार की सहमति और जानकारी के बिना कई निर्णय लिए गए।
एक महीने तक चला इलाज, आईसीयू और वेंटिलेटर पर थी प्रसूता
जानकारी के अनुसार नापासर निवासी कमला को 8 जून को प्रसव पीड़ा होने पर पीबीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उसी दिन सिजेरियन ऑपरेशन के जरिए प्रसव कराया गया। इसके बाद उसकी तबीयत लगातार बिगड़ती चली गई। जांच में किडनी संक्रमण सामने आने पर 10 जून को उसे मेडिसिन आईसीयू में शिफ्ट किया गया। उपचार के दौरान समय-समय पर डायलिसिस भी की गई। लगभग 15 दिन पहले उसे वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया और कुछ दिन पहले श्वास संबंधी समस्या के चलते ट्रेकियोस्टोमी भी की गई थी। उपचार के बावजूद मंगलवार को उसकी मौत हो गई।
ऑपरेशन थिएटर ले जाने की प्रक्रिया पर भी उठे सवाल
परिजनों का कहना है कि मौत से कुछ घंटे पहले कमला के गले से रक्तस्राव हो रहा था। चिकित्सकों ने पैकिंग हटाने की बात कहकर उसे ऑपरेशन थिएटर में ले जाया, लेकिन परिवार को पूरी प्रक्रिया की जानकारी नहीं दी गई। उनका आरोप है कि ऑपरेशन थिएटर से लौटने के बाद भी मरीज की स्थिति को लेकर स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई और बाद में मौत की सूचना दे दी गई। घटना के बाद अस्पताल में हंगामे की स्थिति बन गई। पुलिस ने शव को मोर्चरी में रखवाया, जबकि परिजनों ने शव लेने से इनकार करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग दोहराई।
पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं, बढ़ी अस्पताल की चिंता
पीबीएम अस्पताल में हाल के महीनों में प्रसूताओं की मौत के यह अकेला मामला नहीं है। इससे पहले भी किडनी संक्रमण और प्रसव के बाद स्वास्थ्य बिगड़ने के कारण दो अन्य महिलाओं की मौत हो चुकी है। इन घटनाओं के बाद अस्पताल की उपचार व्यवस्था और गंभीर मरीजों की देखरेख को लेकर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि, इस ताजा मामले में अस्पताल प्रशासन की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना अभी बाकी है। अब सभी की निगाहें जांच प्रक्रिया और प्रशासन द्वारा उठाए जाने वाले अगले कदमों पर टिकी हुई हैं।