राजस्थान पटवारी ट्रांसफर लिस्ट में बड़ी चूक, BJP विधायक को बना दिया पटवारी! वायरल हुआ आदेश
राजस्थान में तबादलों के आखिरी दिन जारी हुई पटवारियों की सूची में एक ऐसी गलती सामने आई, जिसने प्रशासनिक गलियारों से लेकर सोशल मीडिया तक चर्चा छेड़ दी। राजस्व मंडल की ओर से जारी 924 पटवारियों की तबादला सूची में डीग-कुम्हेर से भाजपा विधायक शैलेश दिगंबर सिंह का नाम पटवारी के रूप में दर्ज हो गया। आदेश वायरल होने के बाद विभाग ने इसे मानवीय त्रुटि बताया और सुधार की प्रक्रिया शुरू की।
तबादला सूची में विधायक का नाम देख चौंके लोग
राजस्थान राजस्व मंडल की ओर से जारी पटवारियों की तबादला सूची में क्रमांक 609 पर भाजपा विधायक शैलेश दिगंबर सिंह का नाम दिखाई दिया। जैसे ही यह आदेश सामने आया, प्रशासनिक अधिकारियों और आम लोगों में चर्चा शुरू हो गई। सोशल मीडिया पर आदेश की कॉपी तेजी से वायरल होने लगी। लोगों ने सवाल उठाए कि आखिर एक निर्वाचित विधायक का नाम पटवारियों की सूची में कैसे शामिल हो गया। हालांकि, कुछ ही समय बाद विभाग ने इसे टाइपिंग और रिकॉर्ड तैयार करने के दौरान हुई मानवीय गलती बताया।
पटवारी नरेंद्र सिंह की जगह दर्ज हुआ विधायक का नाम
जानकारी के अनुसार, सूची में असल में सेवानिवृत्त सैन्यकर्मी और पटवारी नरेंद्र सिंह का नाम दर्ज होना था। उनका स्थानांतरण बालोतरा जिले के नवोड़ा का बेरा क्षेत्र से डीग जिले में किया गया था। उन्हें सोनगांव में पदस्थापित किया जाना था। लेकिन आदेश तैयार करते समय नरेंद्र सिंह के नाम की जगह गलती से डीग-कुम्हेर विधायक शैलेश दिगंबर सिंह का नाम दर्ज हो गया। इसी गलती के कारण पूरी सूची चर्चा का विषय बन गई।
संशोधित आदेश के बाद ही प्रभावी होगी पोस्टिंग
विभागीय जानकारी के अनुसार, मौजूदा आदेश में नाम की त्रुटि होने के कारण संबंधित पटवारी नरेंद्र सिंह नए स्थान पर कार्यभार ग्रहण नहीं कर पाएंगे। इसके लिए राजस्व विभाग को संशोधित आदेश या शुद्धिपत्र जारी करना होगा। सही नाम के साथ नया आदेश जारी होने के बाद ही स्थानांतरण प्रक्रिया पूरी मानी जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि ऐसी गलतियां कभी-कभी बड़ी संख्या में तैयार किए जाने वाले आदेशों में मानवीय स्तर पर हो जाती हैं।
एक साथ हुए हजारों कर्मचारियों के तबादले
राजस्थान में तबादला प्रक्रिया के अंतिम दिन राजस्व विभाग ने बड़े स्तर पर अधिकारियों और कर्मचारियों के स्थानांतरण आदेश जारी किए थे। राजस्व मंडल की ओर से 924 पटवारियों के अलावा 552 तहसीलदार, 246 नायब तहसीलदार और 165 गिरदावरों के तबादले किए गए। इतने बड़े स्तर पर जारी हुई सूची में भाजपा विधायक का नाम शामिल होना विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर गया।
विभागीय चूक बनी सोशल मीडिया चर्चा
पटवारी तबादला सूची में विधायक का नाम आने के बाद यह मामला सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया। हालांकि, अब तक इसे केवल प्रशासनिक स्तर की गलती बताया जा रहा है। विभाग की ओर से जल्द ही संशोधित आदेश जारी किए जाने की संभावना है। इस घटना ने बड़े स्तर पर जारी होने वाले सरकारी आदेशों में सावधानी और सत्यापन प्रक्रिया की जरूरत को भी सामने ला दिया है।