सिवनी में बंद मकान से मिले जले हुए अवशेष, शिक्षक दंपती की मौत बनी रहस्य
मध्य प्रदेश के सिवनी जिले में एक बंद मकान के भीतर जले हुए मानव अवशेष मिलने की घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। शुरुआती जांच में आशंका है कि मृतक स्थानीय शिक्षक दंपती हो सकते हैं, लेकिन शव पूरी तरह जल जाने के कारण उनकी पहचान डीएनए जांच के बाद ही संभव होगी। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए हादसा, आत्महत्या और हत्या सहित सभी संभावित पहलुओं पर जांच शुरू कर दी है। फोरेंसिक विशेषज्ञों की टीम भी मौके से जुटाए गए साक्ष्यों का विश्लेषण कर रही है।
दो दिन तक बंद रहा घर, दरवाजा खुलते ही सामने आया भयावह मंजर
पुलिस के अनुसार संबंधित मकान पिछले करीब दो दिनों से बंद था और उसमें रहने वाले शिक्षक दंपती से परिजनों का संपर्क नहीं हो पा रहा था। चिंता बढ़ने पर परिजन घर पहुंचे, लेकिन दरवाजा अंदर से बंद मिला। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दरवाजा खुलवाया। अंदर का दृश्य बेहद भयावह था। कमरे में रखा अधिकांश सामान जल चुका था और वहां केवल राख तथा मानव अवशेष दिखाई दिए। इस दृश्य ने पुलिस और स्थानीय लोगों को भी झकझोर दिया। घटनास्थल को तत्काल सील कर वैज्ञानिक तरीके से जांच शुरू कर दी गई।
डीएनए जांच से होगी पहचान, फोरेंसिक टीम जुटी साक्ष्य एकत्र करने में
घटनास्थल से मिले मानव अवशेष इतने अधिक जल चुके हैं कि उनकी सामान्य तरीके से पहचान संभव नहीं है। इसी वजह से पुलिस ने मृतकों की पहचान की पुष्टि के लिए डीएनए परीक्षण कराने का निर्णय लिया है। बताया जा रहा है कि मृतकों के बच्चों के नमूने लेकर उनका मिलान कराया जाएगा। मौके पर पहुंचे फोरेंसिक विशेषज्ञों और फिंगरप्रिंट टीम ने आग लगने के कारण, घटनास्थल की स्थिति और अन्य तकनीकी साक्ष्यों को सुरक्षित किया है। जांच रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कार्रवाई तय होगी।
आग कैसे लगी? पुलिस हर संभावना पर कर रही पड़ताल
इस मामले का सबसे बड़ा सवाल यही है कि बंद कमरे के भीतर इतनी भीषण आग कैसे लगी और आसपास रहने वाले लोगों को इसकी भनक तक क्यों नहीं लगी। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि कहीं आग किसी तकनीकी खराबी से तो नहीं लगी या फिर इसके पीछे कोई आपराधिक साजिश छिपी है। आत्महत्या और हत्या दोनों संभावनाओं को भी पूरी तरह खारिज नहीं किया गया है। घटनास्थल से मिले भौतिक साक्ष्य, फोरेंसिक रिपोर्ट और तकनीकी जांच के आधार पर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
शिक्षक दंपती बताए जा रहे मृतक, बच्चों के बाहर होने से बढ़ी गुत्थी
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार मृतकों की पहचान शिक्षिका मालती धुर्वे और शिक्षक समन सिंह धुर्वे के रूप में की जा रही है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है। बताया जा रहा है कि उनके बच्चे पढ़ाई के सिलसिले में बाहर रहते हैं और घटना के समय घर पर मौजूद नहीं थे। यही वजह है कि घटना का पता भी काफी देर बाद चल सका। पुलिस अब दंपती की दिनचर्या, हालिया गतिविधियों, कॉल रिकॉर्ड और पारिवारिक परिस्थितियों की भी जांच कर रही है ताकि घटना के पीछे की वास्तविक वजह सामने लाई जा सके।