राम मंदिर ट्रस्ट विवाद पर कांग्रेस का हमला, पीएम मोदी से जवाब मांगते हुए सुप्रीम कोर्ट निगरानी में जांच की मांग
राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े कथित चढ़ावा चोरी और वित्तीय अनियमितताओं के मुद्दे पर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। जयपुर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता अजय उपाध्याय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस मामले पर सार्वजनिक रूप से प्रतिक्रिया देने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि मंदिर निर्माण का श्रेय लिया गया था, तो विवादों पर भी जवाबदेही तय होनी चाहिए। साथ ही मामले की निष्पक्ष जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में कराने की मांग दोहराई।
पीएम से जवाबदेही तय करने की मांग
प्रेस कॉन्फ्रेंस में अजय उपाध्याय ने कहा कि देश के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था राम मंदिर से जुड़ी है, इसलिए ट्रस्ट से जुड़े विवादों पर स्पष्टता आनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राम मंदिर निर्माण से जुड़े विभिन्न चरणों में अपनी भूमिका का उल्लेख किया था, इसलिए अब सामने आए आरोपों पर भी उन्हें अपनी बात रखनी चाहिए। कांग्रेस का कहना है कि इस मामले में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होना जरूरी है ताकि श्रद्धालुओं का विश्वास बना रहे।
ट्रस्ट की संरचना और कार्रवाई पर उठाए सवाल
कांग्रेस प्रवक्ता ने ट्रस्ट के गठन और उसकी कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट में धार्मिक और सामाजिक क्षेत्र के प्रतिष्ठित लोगों की अधिक भागीदारी होनी चाहिए थी। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि विवाद सामने आने के बावजूद जिम्मेदार लोगों के खिलाफ पर्याप्त कार्रवाई नहीं की गई। हालांकि इन आरोपों पर संबंधित पक्षों की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है। मामले की जांच फिलहाल संबंधित एजेंसियों के स्तर पर जारी है।
एसआईटी की जांच पर भी जताई आपत्ति
अजय उपाध्याय ने कहा कि केवल एसआईटी गठित कर देना पर्याप्त नहीं है। उनका आरोप है कि मामले की निष्पक्ष जांच के लिए स्वतंत्र और पारदर्शी प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए। कांग्रेस ने मांग की कि यदि सरकार पूरे मामले पर किसी तरह के संदेह को समाप्त करना चाहती है तो जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में कराई जाए। उनका कहना था कि इससे जांच की विश्वसनीयता बढ़ेगी और जनता का भरोसा मजबूत होगा।
आरटीआई और पारदर्शिता का मुद्दा भी उठाया
प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस ने राम मंदिर ट्रस्ट को सूचना के अधिकार (RTI) के दायरे में लाने की भी मांग की। अजय उपाध्याय ने कहा कि श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए दान और उसके उपयोग की जानकारी सार्वजनिक होना पारदर्शिता के लिहाज से महत्वपूर्ण है। उनका कहना था कि यदि चंदे और खर्च का पूरा विवरण सार्वजनिक होगा तो किसी भी तरह के विवाद या भ्रम की स्थिति कम होगी। फिलहाल इस पूरे मामले में संबंधित एजेंसियों की जांच और आधिकारिक रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
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