गुरुग्राम एनकाउंटर: तीन इकलौते बेटों की मौत के बाद उठे सवाल, परिजनों ने मांगी निष्पक्ष जांच
गुरुग्राम में पुलिस मुठभेड़ में चार कथित शूटरों के मारे जाने के बाद मामला अब केवल पुलिस कार्रवाई तक सीमित नहीं रहा है। रोहतक के भालोट गांव के तीन युवकों की मौत से पूरे गांव में शोक का माहौल है। परिजन पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठा रहे हैं और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। वहीं, पुलिस अपने स्तर पर मामले की जांच और कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ा रही है।
तीन परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़
गुरुग्राम मुठभेड़ में मारे गए चार कथित आरोपियों में से तीन रोहतक जिले के भालोट गांव के निवासी बताए गए हैं। इन तीनों युवकों के अपने-अपने परिवार में इकलौते बेटे होने की बात सामने आई है। घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है और परिजन गहरे सदमे में हैं। परिवारों का कहना है कि जिन बेटों पर उनका भविष्य टिका था, वे अब उनके बीच नहीं रहे। गांव के लोगों का भी कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि घटना की वास्तविक परिस्थितियां सामने आ सकें।
परिजनों ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल
मृतकों के परिवारों ने पुलिस मुठभेड़ को लेकर कई गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि यदि युवकों पर किसी अपराध में संलिप्तता का संदेह था तो उन्हें जीवित गिरफ्तार कर कानून के अनुसार कार्रवाई की जा सकती थी। परिजनों का कहना है कि पुलिस को पूरे घटनाक्रम की पारदर्शी जांच करानी चाहिए ताकि यह स्पष्ट हो सके कि मुठभेड़ किन परिस्थितियों में हुई। फिलहाल इन आरोपों पर पुलिस की ओर से विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
परिवारों ने बताई युवकों के घर से निकलने की कहानी
मृतकों के परिजनों के अनुसार, तीनों युवक अलग-अलग कारण बताकर घर से निकले थे। एक युवक ने परिवार को खेल गतिविधि के सिलसिले में बाहर जाने की बात कही थी, जबकि दूसरे के परिजनों का कहना है कि वह अपनी रोजमर्रा की दिनचर्या में व्यस्त था। तीसरे युवक के परिवार का दावा है कि उसने धार्मिक यात्रा पर जाने की बात कही थी। परिवारों का कहना है कि उन्हें इस बात की कोई जानकारी नहीं थी कि उनके बेटे गुरुग्राम कैसे पहुंचे और किन परिस्थितियों में मुठभेड़ का हिस्सा बने।
पुलिस जांच और आगे की कार्रवाई पर नजर
मामले के बाद पुलिस अपनी कार्रवाई को लेकर कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ा रही है। वहीं, परिजनों ने निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच की मांग करते हुए पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने लाने की अपील की है। इस मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर भी चर्चा तेज है। अब जांच एजेंसियों की रिपोर्ट और आधिकारिक तथ्यों के आधार पर ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटना तक पहुंचने वाली परिस्थितियां क्या थीं और मुठभेड़ से जुड़े सभी सवालों के जवाब क्या हैं।