#क्राइम

आरव हत्याकांड में बड़ा फैसला, डेढ़ साल के मासूम की हत्या पर आरोपी को मौत की सजा

आरव हत्याकांड: भतीजे के हत्यारे चाचा को फांसी की सजा

उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में डेढ़ वर्षीय मासूम आरव की निर्मम हत्या के चर्चित मामले में जिला एवं सत्र न्यायालय ने आरोपी विराज उर्फ जितेंद्र पाठक को मौत की सजा सुनाई है। पुलिस ने छह दिन में जांच पूरी कर चार्जशीट दाखिल की, जबकि अदालत ने महज 40 दिनों के भीतर सुनवाई पूरी कर फैसला सुनाया। अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर आरोपी को दोषी माना।

40 दिन में आया फैसला, अदालत ने सुनाई फांसी की सजा

फिरोजाबाद जिला एवं सत्र न्यायालय के न्यायाधीश डॉ. बब्बू सारंग ने मामले की सुनवाई के बाद आरोपी विराज उर्फ जितेंद्र पाठक को मौत की सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष के अनुसार पुलिस ने घटना के छह दिन के भीतर चार्जशीट दाखिल कर दी थी, जिससे मुकदमे की सुनवाई तेजी से पूरी हो सकी। अदालत में अभियोजन ने सभी साक्ष्य और परिस्थितिजन्य तथ्यों को प्रस्तुत किया, जिनके आधार पर आरोपी को दोषी करार दिया गया।

13 गवाहों की गवाही बनी अहम आधार

सरकारी पक्ष की ओर से अदालत में कुल 13 गवाह पेश किए गए। अभियोजन का कहना है कि गवाहों के बयान, तकनीकी साक्ष्य और अन्य प्रमाणों ने घटना की पूरी श्रृंखला को स्पष्ट किया। अदालत ने इन साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद माना कि अभियोजन आरोपी के खिलाफ आरोप साबित करने में सफल रहा। इसके बाद न्यायालय ने मामले को गंभीर अपराध मानते हुए आरोपी को मृत्युदंड की सजा सुनाई।

एकतरफा संबंध के विवाद में हुई मासूम की हत्या

पुलिस जांच के अनुसार, 30 मई को शिकोहाबाद की यादव कॉलोनी में डेढ़ वर्षीय आरव की जमीन पर पटक-पटककर हत्या कर दी गई थी। जांच में सामने आया कि आरोपी विराज उर्फ जितेंद्र पाठक कथित तौर पर बच्चे की मां से विवाह करना चाहता था। महिला ने अपने बच्चे का हवाला देकर कथित प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया। इसी रंजिश में आरोपी ने मासूम को निशाना बनाया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद मामला व्यापक चर्चा में आया था।

घटना के दिन ही गिरफ्तारी, तेजी से पूरी हुई जांच

वारदात के बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी को कुछ घंटों के भीतर गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद मामले की तेजी से विवेचना कर छह दिन में चार्जशीट न्यायालय में प्रस्तुत की गई। अभियोजन पक्ष का कहना है कि त्वरित जांच और समयबद्ध सुनवाई के कारण अदालत ने लगभग 40 दिनों में फैसला सुनाया। अब इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया निर्धारित प्रावधानों के अनुसार पूरी की जाएगी।

author avatar
stvnewsonline@gmail.com

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *