भारत विकास परिषद का स्थापना दिवस धूमधाम से संपन्न, सेवा और संस्कार पर रहा विशेष जोर
भिवाड़ी में भारत विकास परिषद की शाखा ने स्थापना दिवस राष्ट्रीय भावना, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और सामाजिक सरोकारों के साथ उत्साहपूर्वक मनाया। समारोह में परिषद के संस्थापक सदस्यों, पूर्व पदाधिकारियों और नए सदस्यों का सम्मान एवं शपथ ग्रहण कराया गया। वक्ताओं ने भारतीय संस्कृति, सेवा, संस्कार और राष्ट्र निर्माण में समाज की सक्रिय भागीदारी पर जोर दिया।
राष्ट्रीय भावना के साथ हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ
भारत विकास परिषद, शाखा भिवाड़ी (राजस्थान उत्तर-पूर्व प्रांत) का स्थापना दिवस समारोह ट्री हाउस होटल में उत्साह और गरिमामय वातावरण में आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन, वंदे मातरम् एवं गणेश वंदना के साथ हुई, जिससे पूरा माहौल आध्यात्मिक और राष्ट्रभक्ति के रंग में रंग गया। शाखा अध्यक्ष विमल पंडित ने अतिथियों का स्वागत करते हुए परिषद की ओर से समाजहित में किए जा रहे विभिन्न सेवा कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि परिषद स्वस्थ, समर्थ और संस्कारित भारत के निर्माण के संकल्प के साथ लगातार समाज में सकारात्मक भूमिका निभा रही है।
स्थापना दिवस के उद्देश्यों और सामाजिक मूल्यों पर हुई चर्चा
समारोह में प्रेरक वक्ता डॉ. मोनिका रस्तोगी ने भारत विकास परिषद के स्थापना दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए संगठन के प्रमुख उद्देश्यों—सेवा, संस्कार, संपर्क, पर्यावरण संरक्षण और महिला सहभागिता—की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि परिषद केवल सामाजिक संगठन नहीं बल्कि राष्ट्र निर्माण की भावना से प्रेरित जनआंदोलन है। कार्यक्रम के दौरान संस्थापक सदस्यों, विकास रत्नों, पूर्व अध्यक्षों, सचिवों एवं कोषाध्यक्षों को स्मृति चिन्ह और नारियल भेंट कर सम्मानित किया गया। वहीं राष्ट्रीय सह-समन्वयक सीए राकेश गुप्ता ने नए सदस्यों को संगठन की शपथ दिलाई।
‘राम-राम’ को बताया भारतीय संस्कृति का जीवंत प्रतीक
मुख्य वक्ता कैलाश कल्ला ने अपने प्रेरक संबोधन में भारतीय अभिवादन “राम-राम” के सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्व पर विस्तार से विचार रखे। उन्होंने कहा कि यह केवल अभिवादन नहीं बल्कि भारतीय परंपरा, आत्मीयता, सद्भाव और आध्यात्मिक चेतना का प्रतीक है। उन्होंने युवाओं से भारतीय संस्कारों और सांस्कृतिक मूल्यों को जीवन में अपनाने का आह्वान करते हुए राष्ट्र निर्माण में समाज की सक्रिय भागीदारी को आवश्यक बताया। उनके विचारों ने उपस्थित लोगों को भारतीय संस्कृति के प्रति नई ऊर्जा और प्रेरणा प्रदान की।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और प्रश्नोत्तरी ने बांधा समां
कार्यक्रम के दौरान विकास रत्न डॉ. नीरज द्वारा आयोजित प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने समारोह को रोचक बना दिया। संस्थापक अध्यक्ष हरिराम शर्मा ने अपने संबोधन में परिषद के पंचसूत्र—संपर्क, सहयोग, संस्कार, सेवा और समर्पण—को प्रत्येक कार्यकर्ता के जीवन का आधार बताया। उन्होंने कहा कि स्थापना दिवस केवल उत्सव नहीं बल्कि संगठन के मूल उद्देश्यों के प्रति नए संकल्प का अवसर है। इस दौरान ब्रांड एंबेसडर राजीव अरोड़ा ने ‘जीरो वेस्ट मैनेजमेंट’ विषय पर विचार रखते हुए पर्यावरण संरक्षण में समाज की जिम्मेदारी पर जोर दिया।
आगामी योजनाओं की जानकारी के साथ हुआ समापन
कार्यक्रम संयोजक एवं पूर्व अध्यक्ष हरीश गौड़ के निर्देशन में आयोजित समारोह का संचालन डॉ. नवनीता शर्मा और सुनीता सोनी ने किया। शाखा सचिव मुकेश कुमार ने परिषद की आगामी गतिविधियों की रूपरेखा प्रस्तुत की, जबकि पूर्व अध्यक्ष पंकज अग्रवाल ने विकास मित्र एवं विकास रत्न योजना की जानकारी साझा की। कोषाध्यक्ष हर्ष माहेश्वरी ने सभी अतिथियों एवं सदस्यों का आभार व्यक्त किया। राष्ट्रगान और सामूहिक भोजन के साथ समारोह का समापन हुआ। इस अवसर पर भिवाड़ी की विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में परिषद के सदस्य उपस्थित रहे।