फ्लोरिडा के एयरपोर्ट का नाम डोनाल्ड ट्रंप के नाम पर, पद पर रहते हुए ऐसा सम्मान पाने वाले पहले अमेरिकी राष्ट्रपति
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नाम पर फ्लोरिडा के पाम बीच अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का नाम आधिकारिक तौर पर बदल दिया गया है। इस फैसले को फ्लोरिडा के गवर्नर रॉन डीसांटिस की मंजूरी मिलने के बाद लागू किया गया। इस कदम के साथ ट्रंप पद पर रहते हुए किसी प्रमुख हवाई अड्डे का नाम अपने नाम पर रखने वाले पहले अमेरिकी राष्ट्रपति बन गए हैं। इस फैसले ने अमेरिका में राजनीतिक और सार्वजनिक बहस भी तेज कर दी है।
पाम बीच इंटरनेशनल एयरपोर्ट का बदला नाम
करीब पांच दशक तक पाम बीच इंटरनेशनल एयरपोर्ट के नाम से पहचाने जाने वाले इस हवाई अड्डे का नया नाम अब ‘प्रेसिडेंट डोनाल्ड जे. ट्रंप इंटरनेशनल एयरपोर्ट’ होगा। यह एयरपोर्ट ट्रंप के निजी आवास और मार-ए-लागो रिसॉर्ट के नजदीक स्थित है। फ्लोरिडा विधानसभा से पारित विधेयक को गवर्नर रॉन डीसांटिस की मंजूरी मिलने के बाद नाम परिवर्तन प्रभावी हो गया।
ट्रंप और एरिक ट्रंप ने जताई खुशी
नाम बदलने के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि यह हवाई अड्डा दुनिया के सबसे बेहतरीन एयरपोर्ट्स में शामिल होगा। वहीं उनके बेटे एरिक ट्रंप निजी विमान से एयरपोर्ट पहुंचे और इस मौके को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि पाम बीच और ट्रंप परिवार का नाम वर्षों से एक-दूसरे से जुड़ा रहा है और यह बदलाव उसी पहचान को दर्शाता है।
यात्रियों की मिली-जुली प्रतिक्रिया
एयरपोर्ट का नाम बदलने पर लोगों की राय बंटी हुई नजर आई। कुछ यात्रियों ने इसे ट्रंप के राजनीतिक योगदान का सम्मान बताया, जबकि कई लोगों ने इस फैसले का विरोध किया। विरोध करने वालों का कहना है कि एयरपोर्ट का पुराना नाम क्षेत्रीय पहचान से जुड़ा था और उसे बदलना उचित नहीं है। वहीं समर्थकों का मानना है कि ट्रंप इस सम्मान के हकदार हैं।
नामकरण को लेकर बढ़ी राजनीतिक बहस
हाल के वर्षों में अमेरिका में ट्रंप के नाम पर पुल, सरकारी परियोजनाएं और अन्य सार्वजनिक स्थलों के नाम रखने को लेकर बहस तेज हुई है। आलोचकों का कहना है कि किसी मौजूदा राष्ट्रपति के नाम पर सार्वजनिक संस्थानों का नामकरण अमेरिकी परंपराओं से अलग है। वहीं समर्थकों का तर्क है कि यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत लिया गया वैध राजनीतिक फैसला है। इस मुद्दे पर दोनों पक्षों के बीच मतभेद लगातार बने हुए हैं।