रोहिणी में नई इमारत ढहने से 4 की मौत, निर्माण गुणवत्ता पर उठे गंभीर सवाल
दिल्ली के रोहिणी सेक्टर-16 में हाल ही में निर्मित पांच मंजिला इमारत के अचानक ढह जाने से चार लोगों की मौत हो गई। हादसे के बाद राहत एवं बचाव दल ने कई घंटों तक मलबे में फंसे लोगों को निकालने का अभियान चलाया। शुरुआती जांच में निर्माण गुणवत्ता और तकनीकी खामियों को संभावित कारण माना जा रहा है, जबकि पुलिस ने मामला दर्ज कर विस्तृत जांच शुरू कर दी है।
कुछ ही महीनों पहले तैयार हुई थी इमारत
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, संबंधित इमारत का निर्माण लगभग तीन से चार महीने पहले पूरा हुआ था। भवन में अभी फिनिशिंग और अन्य आंतरिक कार्य जारी थे। ऐसे में इतने कम समय में पूरी इमारत का अचानक ढह जाना कई सवाल खड़े कर रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी नई इमारत के गिरने की घटना सामान्य नहीं होती और इसके पीछे तकनीकी या निर्माण संबंधी गंभीर कारण हो सकते हैं। जांच एजेंसियां निर्माण प्रक्रिया से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं।
दो संभावित कारणों पर केंद्रित है जांच
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसे से पहले इमारत में हल्का कंपन महसूस हुआ और कुछ ही क्षणों में पूरा ढांचा भरभराकर गिर गया। शुरुआती जांच में दो प्रमुख आशंकाएं सामने आई हैं। पहली, भवन के स्ट्रक्चर में तकनीकी खामी और दूसरी, निर्माण के दौरान निम्न गुणवत्ता की सामग्री का इस्तेमाल। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि अंतिम निष्कर्ष तकनीकी विशेषज्ञों की विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आएगा। फिलहाल किसी भी कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
स्थानीय लोगों ने लगाए निर्माण में लापरवाही के आरोप
घटना के बाद आसपास के लोगों ने आरोप लगाया कि भवन निर्माण के दौरान सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन नहीं किया गया। स्थानीय निवासियों का कहना है कि इमारत की डिजाइन और निर्माण प्रक्रिया में कई कमियां थीं। उनका दावा है कि भवन के दोनों ओर बड़े छज्जे बनाए गए थे, जिससे संरचना पर अतिरिक्त भार पड़ा हो सकता है। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। नगर निगम की निगरानी व्यवस्था और निर्माण स्वीकृति प्रक्रिया पर भी सवाल उठने लगे हैं।
एफआईआर दर्ज, दस्तावेजों और निर्माण सामग्री की जांच शुरू
पुलिस ने मामले में संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जांच एजेंसियां भवन के स्वीकृत नक्शे, निर्माण अनुमति, इस्तेमाल की गई सामग्री, इंजीनियरिंग रिपोर्ट और संबंधित दस्तावेजों की जांच कर रही हैं। साथ ही निर्माण कार्य से जुड़े जिम्मेदार लोगों से भी पूछताछ की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।