दिल्ली में भारत-अफगान वार्ता: चिराग पासवान और पबित्रा मार्गेरिटा ने अफगान कृषि मंत्री से की अहम मुलाकात
भारत और अफगानिस्तान के बीच द्विपक्षीय सहयोग को नई दिशा देने के प्रयासों के तहत अफगानिस्तान के कृषि, सिंचाई एवं पशुपालन मंत्री मावलावी अताउल्लाह ओमारी ने नई दिल्ली में केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान और विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा से मुलाकात की। बैठक में खाद्य प्रसंस्करण, कृषि, व्यापार, क्षमता निर्माण और दोनों देशों के आर्थिक सहयोग को मजबूत करने सहित कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई।
खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर जोर
नई दिल्ली में हुई बैठक के दौरान केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान और अफगान कृषि मंत्री मावलावी अताउल्लाह ओमारी ने खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में साझेदारी बढ़ाने पर विस्तार से विचार-विमर्श किया। चर्चा का केंद्र मूल्य संवर्धन (Value Addition), आधुनिक बुनियादी ढांचे का विकास, नई तकनीकों का उपयोग, क्षमता निर्माण और द्विपक्षीय व्यापार को मजबूत बनाना रहा। दोनों पक्षों ने कृषि आधारित उद्योगों में सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं पर भी सहमति जताई।
खाद्य सुरक्षा और आर्थिक सहयोग पर बनी सहमति
बैठक में दोनों देशों ने खाद्य सुरक्षा को मजबूत बनाने और किसानों तथा आम लोगों की आजीविका बेहतर करने के लिए मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता दोहराई। इसके साथ ही कृषि और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में निवेश, तकनीकी सहयोग और व्यापारिक अवसरों को बढ़ावा देने पर भी चर्चा हुई। दोनों पक्षों का मानना है कि आर्थिक सहयोग बढ़ने से दोनों देशों के बीच संबंध और मजबूत होंगे।
विदेश राज्य मंत्री ने भी की द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा
विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा ने भी अफगान मंत्री से अलग बैठक की। मुलाकात के बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि बातचीत के दौरान भारत-अफगानिस्तान संबंधों की मौजूदा स्थिति और भविष्य के सहयोग पर चर्चा हुई। साथ ही अफगानिस्तान की जनता के कल्याण, विकास और मानवीय सहयोग से जुड़े मुद्दों की भी समीक्षा की गई।
भारत दौरे का उद्देश्य संबंधों को नई मजबूती देना
मावलावी अताउल्लाह ओमारी मंगलवार को भारत पहुंचे थे। उनके दौरे का उद्देश्य दोनों देशों के बीच आपसी सहयोग को और मजबूत करना तथा साझा हितों से जुड़े विषयों पर चर्चा करना है। भारत के विदेश मंत्रालय ने भी उनके दौरे का स्वागत करते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच आपसी हितों के विभिन्न मुद्दों पर सकारात्मक और रचनात्मक बातचीत की जाएगी।
भारत-अफगान रिश्तों में नई संभावनाओं की उम्मीद
विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा दौर में कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, व्यापार और मानवीय सहयोग जैसे क्षेत्रों में बढ़ता संवाद भारत और अफगानिस्तान के संबंधों को नई गति दे सकता है। दोनों देशों के बीच इस तरह की उच्चस्तरीय बैठकों से आर्थिक सहयोग बढ़ाने और क्षेत्रीय स्थिरता को मजबूत करने की दिशा में सकारात्मक संकेत मिलते हैं।