दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा होगी और मजबूत, पिनान में नितिन गडकरी ने किया निरीक्षण
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री Nitin Gadkari ने बुधवार को राजस्थान के Alwar जिले के पिनान पहुंचकर दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों के साथ हाई-लेवल समीक्षा बैठक कर परियोजना की प्रगति, सड़क सुरक्षा और दुर्घटनाओं की रोकथाम के उपायों की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आवश्यक निर्देश भी दिए।
पिनान रेस्ट एरिया में परियोजना की प्रगति का लिया जायजा
निरीक्षण के दौरान केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने एक्सप्रेसवे के आधुनिक पिनान रेस्ट एरिया का दौरा किया। यहां राजस्थान की उपमुख्यमंत्री Diya Kumari ने उनका स्वागत किया, जबकि जनप्रतिनिधियों और स्थानीय कार्यकर्ताओं ने भी उनका अभिनंदन किया। दौरे के दौरान उन्होंने एक्सप्रेसवे पर उपलब्ध सुविधाओं, निर्माण कार्य की प्रगति और भविष्य की योजनाओं का प्रत्यक्ष अवलोकन किया। इस अवसर पर अधिकारियों ने परियोजना की वर्तमान स्थिति और आगामी विकास कार्यों की विस्तृत जानकारी भी साझा की।
NHAI ने प्रस्तुत किया विस्तृत प्रजेंटेशन
निरीक्षण के बाद National Highways Authority of India के अधिकारियों और परियोजना विशेषज्ञों ने केंद्रीय मंत्री के समक्ष विस्तृत प्रजेंटेशन प्रस्तुत किया। इसमें एक्सप्रेसवे के निर्माण कार्य, यातायात प्रबंधन, कनेक्टिविटी विस्तार और भविष्य की योजनाओं की जानकारी दी गई। नितिन गडकरी ने परियोजना के विभिन्न पहलुओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को गुणवत्ता, समयबद्ध कार्य और यात्रियों की सुविधा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी भी इस समीक्षा बैठक में मौजूद रहीं।
दुर्घटना रोकथाम और त्वरित मेडिकल सहायता पर विशेष जोर
समीक्षा बैठक में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम और आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था प्रमुख विषय रहे। केंद्रीय मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि एक्सप्रेसवे पर दुर्घटना की स्थिति में घायलों तक तुरंत मेडिकल सहायता पहुंचाने के लिए प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने संभावित ब्लैक स्पॉट की पहचान कर उन्हें शीघ्र सुधारने, सुरक्षा मानकों को और मजबूत बनाने तथा तकनीकी कमियों को दूर करने पर भी जोर दिया। उनका कहना था कि आधुनिक सड़कें तभी सफल मानी जाएंगी, जब वे सुरक्षित यात्रा का भरोसा भी दें।
जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
निरीक्षण के दौरान जिला प्रशासन और पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने केंद्रीय मंत्री को सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन और स्थानीय स्तर पर की गई तैयारियों की जानकारी दी। इस अवसर पर एक्सप्रेसवे के संचालन को अधिक प्रभावी और सुरक्षित बनाने के लिए विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा हुई। प्रशासनिक अधिकारियों ने परियोजना से जुड़े स्थानीय समन्वय और भविष्य की कार्ययोजना का भी प्रस्तुतीकरण किया।
क्षेत्रीय विकास और निवेश को मिलेगी नई गति
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे को देश की सबसे महत्वपूर्ण आधारभूत संरचना परियोजनाओं में शामिल किया जाता है। यह मार्ग तेज, सुरक्षित और सुगम आवागमन के साथ-साथ उद्योग, व्यापार और निवेश को भी नई गति देने में अहम भूमिका निभा रहा है। बेहतर सड़क संपर्क से परिवहन लागत कम होने, औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने और रोजगार के नए अवसर सृजित होने की उम्मीद है। विशेष रूप से अलवर और आसपास के क्षेत्रों के आर्थिक विकास को इससे नई दिशा मिलने की संभावना जताई जा रही है।