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भारत के UPI का बढ़ा वैश्विक दायरा: इंडोनेशिया बनेगा 11वां देश, डिजिटल पेमेंट और कारोबार को मिलेगा बढ़ावा

भारत का डिजिटल भुगतान प्लेटफॉर्म यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) अब वैश्विक स्तर पर अपनी पहुंच लगातार बढ़ा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडोनेशिया दौरे के दौरान घोषणा की कि भारत का UPI जल्द ही इंडोनेशिया के पेमेंट सिस्टम से जुड़ जाएगा। इसके बाद इंडोनेशिया UPI नेटवर्क से जुड़ने वाला 11वां देश बन जाएगा, जिससे दोनों देशों के बीच व्यापार, पर्यटन और डिजिटल भुगतान को नई गति मिलने की उम्मीद है।

इंडोनेशिया के साथ जुड़ेगा भारत का UPI नेटवर्क

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में राष्ट्रपति प्राबोवो सुबियांतो के साथ संयुक्त प्रेस वार्ता के दौरान घोषणा की कि भारत का यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) जल्द ही इंडोनेशिया के डिजिटल भुगतान तंत्र से जुड़ जाएगा। इस पहल का उद्देश्य दोनों देशों के बीच डिजिटल लेनदेन को सरल बनाना और व्यापार व पर्यटन को बढ़ावा देना है। इसके लागू होने के बाद भारतीय यात्री अपने परिचित UPI ऐप के माध्यम से इंडोनेशिया में आसानी से भुगतान कर सकेंगे।

11 देशों तक पहुंचा भारत का डिजिटल पेमेंट सिस्टम

भारत का UPI पहले से ही कई देशों में उपयोग के लिए उपलब्ध है। वर्तमान में यह सिंगापुर, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), फ्रांस, मॉरीशस, नेपाल, भूटान, कतर, श्रीलंका, कंबोडिया और ग्रीस में विभिन्न साझेदारियों के माध्यम से संचालित हो रहा है। इंडोनेशिया के जुड़ने के बाद यह संख्या 11 हो जाएगी। इससे भारतीय पर्यटकों और कारोबारियों को विदेशी यात्राओं के दौरान नकदी या अलग भुगतान प्रणाली पर निर्भरता कम होगी और QR कोड के जरिए सहज भुगतान संभव होगा।

भारत-इंडोनेशिया के बीच कई अहम समझौते

यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच रक्षा, समुद्री सुरक्षा, व्यापार, शिक्षा, अंतरिक्ष और डिजिटल सहयोग सहित कई महत्वपूर्ण समझौतों पर सहमति बनी। प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए इंडोनेशिया के अंतरिक्ष कार्यक्रम की क्षमता बढ़ाने में सहयोग करेगा। इसके अलावा समुद्री सुरक्षा और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए भी एक साझा ढांचे को अंतिम रूप दिया गया है।

इंडोनेशिया में खुलेगा IIM बेंगलुरु का कैंपस

भारत की उच्च शिक्षा को वैश्विक स्तर पर विस्तार देने की दिशा में भी बड़ा कदम उठाया गया है। प्रधानमंत्री मोदी ने घोषणा की कि इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट बेंगलुरु (IIM Bangalore) इंडोनेशिया के मलंग स्थित सिंघासारी स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन में अपना अंतरराष्ट्रीय परिसर स्थापित करेगा। इस संस्थान से इंडोनेशिया के साथ-साथ पूरे आसियान क्षेत्र के छात्रों को गुणवत्तापूर्ण प्रबंधन शिक्षा का लाभ मिलने की उम्मीद है।

सांस्कृतिक रिश्तों को भी मिलेगी नई मजबूती

भारत और इंडोनेशिया ने सांस्कृतिक सहयोग को भी नई दिशा देने पर सहमति जताई है। प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि दोनों देश योग्याकार्ता स्थित एक हजार वर्ष पुराने प्रम्बानन मंदिर के संरक्षण परियोजना की शुरुआत करेंगे। साथ ही गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की इंडोनेशिया यात्रा की शताब्दी को ‘टैगोर-देवान्तारा सांस्कृतिक एवं शैक्षिक वर्ष’ के रूप में मनाने का भी निर्णय लिया गया है। इससे दोनों देशों के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।

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