दिल्ली में एनकाउंटर: फायरिंग और रंगदारी का आरोपी पवन पहलवान घायल, पुलिस ने दबोचा
दिल्ली में देर रात पुलिस और बदमाश के बीच मुठभेड़ का मामला सामने आया है। पहाड़गंज और नबी करीम इलाके में फायरिंग और रंगदारी के मामलों में वांछित आरोपी पवन पहलवान पुलिस कार्रवाई के दौरान घायल हो गया। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तारी के लिए पहुंची टीम पर आरोपी ने कथित रूप से फायरिंग की, जिसके जवाब में पुलिस ने आत्मरक्षा में गोली चलाई। घायल आरोपी को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस अब उसके आपराधिक नेटवर्क और अन्य मामलों की जांच कर रही है।
फायरिंग और रंगदारी के आरोपी से पुलिस की मुठभेड़
दिल्ली के सेंट्रल जिले में सोमवार देर रात पुलिस और एक वांछित आरोपी के बीच मुठभेड़ हुई। पुलिस के मुताबिक, पहाड़गंज और नबी करीम इलाके में गोलीबारी और रंगदारी के मामलों में आरोपी पवन पहलवान की तलाश चल रही थी। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम उसे पकड़ने पहुंची थी। इसी दौरान आरोपी और पुलिस के बीच गोलीबारी हुई। पुलिस का दावा है कि आरोपी ने पहले फायरिंग की, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में उसे गोली लगी और वह घायल हो गया।
अस्पताल में भर्ती आरोपी, जांच में जुटी पुलिस
मुठभेड़ के बाद पुलिस ने घायल पवन पहलवान को तुरंत अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका इलाज चल रहा है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी की हालत पर नजर रखी जा रही है। इलाज पूरा होने के बाद उससे पूछताछ की जाएगी। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपी किन अन्य आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहा है और उसके साथ कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं। मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
व्यापारियों में डर फैलाने के लिए रंगदारी का आरोप
दिल्ली पुलिस के अनुसार, पवन पहलवान पर पहाड़गंज और नबी करीम क्षेत्र में हुई फायरिंग की घटनाओं में शामिल होने का आरोप है। जांच में सामने आया है कि इन वारदातों का उद्देश्य कथित रूप से कारोबारियों में भय पैदा कर उनसे रंगदारी वसूलना था। पुलिस रिकॉर्ड में आरोपी का पुराना आपराधिक इतिहास होने की बात सामने आई है। अब पुलिस उसके गिरोह और आपराधिक संपर्कों की जानकारी जुटा रही है।
साइबर अपराधियों पर भी दिल्ली पुलिस की बड़ी कार्रवाई
दिल्ली पुलिस ने एक अन्य कार्रवाई में ऑनलाइन फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाले अंतरराज्यीय साइबर गिरोह का खुलासा किया है। पुलिस की स्पेशल सेल की IFSO यूनिट ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि यह गिरोह एक वेबसाइट के जरिए पैसे लेकर फर्जी सरकारी दस्तावेज उपलब्ध करा रहा था। पुलिस के अनुसार, आरोपी डिजिटल माध्यम से लोगों को फर्जी दस्तावेज बनाने की सुविधा देने का काम कर रहे थे।
फर्जी आधार, वोटर आईडी समेत कई दस्तावेज बनाने का आरोप
पुलिस जांच में पता चला कि आरोपी कथित रूप से आधार कार्ड, वोटर आईडी, पैन कार्ड से जुड़े दस्तावेज, निवास प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र और अन्य सरकारी प्रमाण पत्र बनाने का दावा कर रहे थे। पुलिस ने साइबर निगरानी के दौरान इस नेटवर्क का पता लगाया। इसके बाद वेबसाइट की कार्यप्रणाली की जांच के लिए एक डमी अकाउंट बनाया गया और डिजिटल भुगतान प्रक्रिया के जरिए पूरे फर्जीवाड़े की पुष्टि की गई।
फर्जी वेबसाइट के जरिए चल रहा था पूरा नेटवर्क
दिल्ली पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने एक वेबसाइट के माध्यम से फर्जी दस्तावेज तैयार करने का सिस्टम बनाया हुआ था। जांच के दौरान पुलिस ने ऑनलाइन भुगतान और दस्तावेज तैयार करने की प्रक्रिया की जांच की। पुलिस का दावा है कि फर्जी जानकारी और फोटो के आधार पर दस्तावेज तैयार किए जा रहे थे। अब पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों, वेबसाइट संचालन और फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल की दिशा में जांच कर रही है।
अपराध और साइबर ठगी के खिलाफ पुलिस का अभियान जारी
दिल्ली पुलिस ने एक तरफ जहां फायरिंग और रंगदारी के आरोपी को पकड़ने में सफलता का दावा किया है, वहीं दूसरी ओर साइबर अपराधियों के खिलाफ भी कार्रवाई की है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि राजधानी में अपराध नियंत्रण और डिजिटल धोखाधड़ी रोकने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। दोनों मामलों में आगे की जांच के आधार पर अन्य आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।