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जयपुर में बारिश ने खोली सड़कों की पोल, 27 जगह धंसी सड़कें और गहरे गड्ढों से बढ़ा खतरा

राजस्थान की राजधानी जयपुर में प्री-मानसून बारिश ने शहर के सड़क और ड्रेनेज सिस्टम की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बारिश के बाद शहर के कई इलाकों में सड़कें धंस गईं, बड़े-बड़े गड्ढे बन गए और कई जगह वाहन फंसने की घटनाएं सामने आईं। करीब 27 से ज्यादा स्थानों पर सड़क खराब होने की तस्वीरें सामने आई हैं। कहीं सड़क का बड़ा हिस्सा बैठ गया तो कहीं गहरे गड्ढों ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दीं। हालात को देखते हुए लोगों को सड़क पर चलते समय अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ रही है।

बारिश के बाद जगह-जगह धंसी सड़कें, लोगों में डर

जयपुर में पहली तेज बारिश के बाद कई इलाकों में सड़कें अचानक कमजोर पड़ गईं। टोंक रोड, गोपालपुरा बायपास, सिरसी रोड, कालवाड़ रोड, सांगानेर, मांग्यावास, सूर्य नगर तिराहा और मानसरोवर सहित कई क्षेत्रों में सड़क टूटने और धंसने की घटनाएं सामने आईं। कई जगह गहरे गड्ढे बनने से वाहन चालकों को परेशानी हुई। कुछ स्थानों पर स्थानीय लोगों ने खुद सुरक्षा इंतजाम कर रास्तों को हादसों से बचाने की कोशिश की।

सिरसी रोड पर छह महीने पुरानी सड़क पहली बारिश में खराब

सिरसी रोड पर सड़क धंसने का मामला सबसे ज्यादा चर्चा में रहा। वैशाली नगर से अजमेर रोड और रिंग रोड को जोड़ने वाली इस सड़क पर करीब 20 मीटर हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। डेढ़ किलोमीटर क्षेत्र में कई बड़े गड्ढे दिखाई दिए। बालाजी हॉस्पिटल के पास करीब आठ फीट तक गहरे गड्ढे बन गए। स्थानीय लोगों ने जेडीए की टीम पहुंचने से पहले झाड़ियों और अन्य साधनों से लोगों को खतरे से बचाने का प्रयास किया।

बार-बार खुदाई और निर्माण गुणवत्ता पर उठे सवाल

सड़क खराब होने के बाद निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि सड़क बनने के बाद बार-बार खुदाई, ड्रेनेज व्यवस्था की कमी और निर्माण मानकों की अनदेखी ऐसी समस्याओं का कारण बन सकती है। कई स्थानों पर पानी निकासी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से सड़क के नीचे की मिट्टी कमजोर हुई और बारिश के दबाव में सड़क धंस गई।

गोपालपुरा बायपास पर गड्ढे में लटकी कार

गोपालपुरा बायपास स्थित आतिश मार्केट के पास ड्रेनेज लाइन के जॉइंट में खराबी के कारण सड़क का हिस्सा धंस गया। इस दौरान वहां खड़ी एक कार गहरे गड्ढे में फंस गई। राहत की बात रही कि हादसे के समय कार में कोई मौजूद नहीं था। पुलिस ने क्रेन की मदद से वाहन को बाहर निकलवाया। इसके बाद जेडीए ने मिट्टी और कट्टों की मदद से अस्थायी व्यवस्था कर रास्ता चालू कराया।

मानसरोवर में सड़क धंसने से बढ़ी परेशानी

मानसरोवर के शिप्रा पथ इलाके में शांति नगर जाने वाली सड़क पर करीब 15 फीट चौड़ा और पांच फीट गहरा गड्ढा बन गया। इससे स्थानीय लोगों और स्कूल बसों की आवाजाही प्रभावित हुई। सड़क किनारे फुटपाथ के नीचे की मिट्टी बहने से दीवार भी कमजोर हो गई। जांच में सामने आया कि एक भूखंड मालिक ने बिना पर्याप्त नींव के दीवार बनाई थी, जिसके बाद जेडीए ने नोटिस जारी किया।

ड्रेनेज व्यवस्था की खामियां बनीं बड़ी वजह

शहर में सड़क धंसने की घटनाओं के पीछे कई तकनीकी खामियां सामने आई हैं। कई जगह पर्याप्त ड्रेनेज चैंबर नहीं बनाए गए, पानी निकासी के लिए क्रॉस ड्रेनेज व्यवस्था कमजोर रही और कुछ चैंबर सड़क की सतह से ऊपर बने हुए पाए गए। इसके अलावा मिट्टी की सही सफाई नहीं होने और निर्माण सामग्री की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।

सड़क किसने बनाई, जवाबदेही तय करना मुश्किल

जयपुर में हर साल सड़क निर्माण और मरम्मत पर करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं, लेकिन सड़क खराब होने के बाद आम लोगों के लिए यह पता करना मुश्किल हो जाता है कि सड़क किस एजेंसी ने बनाई, ठेकेदार कौन था और उसकी जिम्मेदारी अवधि अभी बाकी है या नहीं। कई सड़कों पर निर्माण एजेंसी और ठेकेदार की जानकारी देने वाले बोर्ड भी नहीं लगाए जाते।

जेडीए और निगम ने शुरू किया मरम्मत कार्य

सड़क धंसने की घटनाओं के बाद जेडीए और नगर निगम की टीमें सक्रिय हुई हैं। अधिकारियों के अनुसार कई स्थानों पर मरम्मत कार्य शुरू कर दिया गया है। नगर निगम अधिकारियों ने बताया कि कुछ जगह सीवर और ड्रेनेज लाइन क्षतिग्रस्त होने से सड़क प्रभावित हुई है। वहीं जेडीए ने भी क्षतिग्रस्त सड़कों को जल्द दुरुस्त करने का दावा किया है।

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