#देश दुनिया

अस्त्र, ब्रह्मोस, रेयर अर्थ और EVM… इंडोनेशिया दौरे पर PM मोदी के 5 बड़े रणनीतिक ऐलान, भारत-इंडोनेशिया रिश्तों को मिली नई रफ्तार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इंडोनेशिया दौरे ने भारत-इंडोनेशिया संबंधों को नई रणनीतिक ऊंचाई पर पहुंचा दिया है। जकार्ता में दोनों देशों के बीच रक्षा, महत्वपूर्ण खनिज, लोकतांत्रिक तकनीक और समुद्री कनेक्टिविटी जैसे क्षेत्रों में कई अहम समझौते हुए। अस्त्र और ब्रह्मोस मिसाइलों से लेकर रेयर अर्थ, ईवीएम सहयोग और सबांग पोर्ट के विकास तक, इस यात्रा ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में दोनों देशों की साझेदारी को और मजबूत करने का संकेत दिया है।

जकार्ता में पीएम मोदी का भव्य स्वागत, रणनीतिक साझेदारी पर लगा जोर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इंडोनेशिया पहुंचने पर राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने गर्मजोशी से उनका स्वागत किया। जकार्ता में आयोजित औपचारिक स्वागत समारोह के साथ भारतीय समुदाय ने भी विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए उनका अभिनंदन किया। यात्रा के दूसरे दिन दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व के बीच द्विपक्षीय वार्ता हुई, जिसमें रक्षा, व्यापार, तकनीक, समुद्री सुरक्षा और महत्वपूर्ण खनिजों जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। इस बैठक को भारत और इंडोनेशिया के बीच बढ़ते रणनीतिक सहयोग की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

रक्षा सहयोग को मिली नई मजबूती, अस्त्र और ब्रह्मोस पर बनी सहमति

भारत और इंडोनेशिया ने रक्षा क्षेत्र में सहयोग को और व्यापक बनाने पर सहमति जताई। इंडोनेशिया ने भारत की स्वदेशी ‘अस्त्र’ एयर-टू-एयर मिसाइल खरीदने का फैसला किया है, जिससे उसकी वायुसेना की मारक क्षमता मजबूत होगी। इसके साथ ही ब्रह्मोस मिसाइल सहयोग को आगे बढ़ाने पर भी दोनों देशों के बीच महत्वपूर्ण सहमति बनी। यह समझौता हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा सहयोग और रक्षा साझेदारी को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है। भारतीय रक्षा उद्योग के लिए भी यह एक बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।

रेयर अर्थ और महत्वपूर्ण खनिजों पर बढ़ेगा निवेश

दोनों देशों ने वैश्विक सप्लाई चेन को मजबूत बनाने के लिए महत्वपूर्ण खनिजों के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने का फैसला किया। भारत इंडोनेशिया में स्टील, निकेल और रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट के निर्माण से जुड़े निवेश को बढ़ावा देगा। इलेक्ट्रिक वाहन, रक्षा उपकरण, सेमीकंडक्टर और हाई-टेक उद्योगों में इन खनिजों की बढ़ती मांग को देखते हुए यह साझेदारी काफी अहम मानी जा रही है। इससे दोनों देशों को आर्थिक और औद्योगिक स्तर पर दीर्घकालिक लाभ मिलने की उम्मीद है।

लोकतांत्रिक तकनीक में भी बढ़ेगा सहयोग, EVM निर्माण में करेगा मदद

भारत और इंडोनेशिया ने लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में तकनीकी सहयोग को भी प्राथमिकता दी है। समझौते के तहत भारत इंडोनेशिया की जरूरतों के अनुरूप इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) विकसित करने और तकनीकी सहयोग देने में मदद करेगा। भारत का चुनाव प्रबंधन और इलेक्ट्रॉनिक मतदान प्रणाली का अनुभव विश्व स्तर पर चर्चित रहा है। ऐसे में यह सहयोग लोकतांत्रिक संस्थाओं के आधुनिकीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

सबांग पोर्ट परियोजना से मजबूत होगी समुद्री कनेक्टिविटी

समुद्री सहयोग को नई गति देने के लिए भारत और इंडोनेशिया ने सबांग पोर्ट के संयुक्त विकास पर भी सहमति बनाई है। मलक्का जलडमरूमध्य के निकट स्थित यह बंदरगाह रणनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। यह भारत के ग्रेट निकोबार पोर्ट परियोजना के भी काफी करीब है। इस परियोजना से हिंद-प्रशांत क्षेत्र में व्यापार, लॉजिस्टिक्स और समुद्री सुरक्षा सहयोग को मजबूती मिलने की संभावना है। दोनों देशों का मानना है कि यह पहल क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को नई दिशा देगी।

ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड दौरे पर भी रहेगा रणनीतिक फोकस

इंडोनेशिया यात्रा के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ऑस्ट्रेलिया और फिर न्यूजीलैंड का दौरा करेंगे। ऑस्ट्रेलिया में उनकी प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज के साथ व्यापक रणनीतिक साझेदारी, रक्षा सहयोग, व्यापार और इंडो-पैसिफिक सुरक्षा पर चर्चा होने की संभावना है। इसके बाद न्यूजीलैंड में भी कई अहम द्विपक्षीय मुद्दों पर बातचीत प्रस्तावित है। तीन देशों की यह यात्रा भारत की एक्ट ईस्ट नीति और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में बढ़ती कूटनीतिक सक्रियता का महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जा रही है।

PM मोदी की इंडोनेशिया यात्रा के 5 बड़े फैसले

  • रक्षा सहयोग: इंडोनेशिया भारत की स्वदेशी अस्त्र मिसाइल खरीदेगा और ब्रह्मोस सहयोग को आगे बढ़ाएगा।
  • EVM सहयोग: भारत इंडोनेशिया के लिए इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन विकसित करने में तकनीकी सहायता देगा।
  • रेयर अर्थ निवेश: स्टील, निकेल और रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट के निर्माण में भारतीय निवेश बढ़ेगा।
  • सबांग पोर्ट विकास: दोनों देश मिलकर रणनीतिक महत्व वाले सबांग पोर्ट का विकास करेंगे।
  • हिंद-प्रशांत साझेदारी: समुद्री सुरक्षा, व्यापार, तकनीक और रणनीतिक कनेक्टिविटी को नई मजबूती मिलेगी।
author avatar
stvnewsonline@gmail.com

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *