UCC पर सतीश पूनिया का बड़ा बयान: ‘देश का खाते हैं तो देश का गाना भी पड़ेगा’, राहुल-गहलोत पर साधा निशाना
जोधपुर दौरे पर राज्यसभा सांसद डॉ. सतीश पूनिया ने समान नागरिक संहिता (UCC) का खुलकर समर्थन करते हुए इसे ‘विकसित भारत’ की दिशा में जरूरी कदम बताया। उन्होंने कहा कि भारत में रहने वाले सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून होना चाहिए। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर भी निशाना साधा। परिसीमन को संवैधानिक प्रक्रिया बताते हुए उन्होंने कहा कि इसे राजनीतिक विवाद नहीं बनाया जाना चाहिए।
UCC पर जोरदार समर्थन: ‘एक देश, एक कानून जरूरी’
सतीश पूनिया ने समान नागरिक संहिता को लेकर स्पष्ट कहा कि भारत में रहने वाले सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून होना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश के हर नागरिक को समान अधिकार और समान जिम्मेदारियां मिलती हैं, इसलिए कानूनी व्यवस्था भी समान होनी चाहिए। उन्होंने अपने बयान में कहा कि जो लोग इस देश में रहकर इसके संसाधनों का लाभ लेते हैं, उनके लिए नियम भी एक होने चाहिए। उनके अनुसार UCC ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को पूरा करने में अहम भूमिका निभा सकता है।
‘देश का खाते हैं तो देश का गाना भी पड़ेगा’ बयान से गरमाई सियासत
अपने बयान के दौरान पूनिया ने कहा, “इस देश का खाते हैं तो इस देश का गाना भी होगा।” उन्होंने यह भी कहा कि भारत में जन्म लेने वाले हर नागरिक को समान अधिकार मिलते हैं, चाहे वह चुनाव लड़ना हो या सड़क पर चलने की स्वतंत्रता। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत की संवैधानिक व्यवस्था में किसी प्रकार का भेदभाव स्वीकार नहीं किया जा सकता। इस बयान को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।
परिसीमन पर प्रतिक्रिया: संवैधानिक प्रक्रिया, राजनीति न हो
परिसीमन को लेकर उठ रहे सवालों पर उन्होंने कहा कि यह कोई नई प्रक्रिया नहीं है, बल्कि 1952 से लगातार चल रही संवैधानिक व्यवस्था है। उन्होंने कहा कि इसे चुनाव आयोग तय मापदंडों के आधार पर लागू करता है और इसमें राजनीति नहीं होनी चाहिए। पूनिया ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी और अशोक गहलोत संविधान से जुड़ी व्यवस्थाओं को स्वीकार करने में आपत्ति जताते हैं।
कांग्रेस पर निशाना और भाजपा कार्यकर्ताओं का सम्मान
उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि जब केंद्र और राज्य में एक ही विचारधारा की सरकार नहीं होती, तो विकास कार्यों में बाधाएं आती हैं। पचपदरा रिफाइनरी का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि इसकी शुरुआत कांग्रेस सरकार ने की थी, लेकिन इसे धरातल पर पूरा करने का काम भाजपा सरकार ने किया है। साथ ही उन्होंने कहा कि उन्हें राज्यसभा भेजकर पार्टी ने जमीनी कार्यकर्ताओं का सम्मान बढ़ाया है।