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पांचना बांध से 20 साल का गतिरोध टूटा, नहरों में दौड़ा पानी

करौली जिले में स्थित पांचना बांध को लेकर पिछले दो दशक से चला आ रहा जल विवाद आखिरकार समाप्त हो गया है। सोमवार को ऐतिहासिक कदम के तहत कमांड क्षेत्र की नहरों में टेस्टिंग के लिए पानी छोड़ा गया, जिससे ग्रामीणों में खुशी की लहर दौड़ गई। इसी अवसर पर 39 गांवों को लाभ देने वाली लिफ्ट परियोजनाओं का शिलान्यास भी किया गया। बांध के गेट खोलकर गंभीरी नदी में भी जल प्रवाह शुरू किया गया, जिसे क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

नहरों में टेस्टिंग के लिए छोड़ा गया पानी, किसानों में उत्साह

सोमवार को जल संसाधन विभाग ने पांचना बांध से नहरी तंत्र की टेस्टिंग के लिए पानी छोड़ा। करीब 20 साल बाद नहरों में पानी पहुंचने से कमांड क्षेत्र के किसानों में उत्साह का माहौल देखने को मिला। पानी छोड़े जाने से नहर प्रणाली की कार्यक्षमता की जांच भी की गई, ताकि आगे नियमित सिंचाई व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके। लंबे समय से पानी की प्रतीक्षा कर रहे ग्रामीणों ने इस कदम को ऐतिहासिक बताया और इसे क्षेत्र की कृषि व्यवस्था के लिए राहतभरा निर्णय माना।

39 गांवों के लिए लिफ्ट परियोजनाओं का शिलान्यास

इसी अवसर पर 39 गांवों को सिंचाई सुविधा देने के लिए लिफ्ट परियोजनाओं का शिलान्यास भी किया गया। जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत और गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने देवनारायण मंदिर परिसर में आयोजित कार्यक्रम में इन परियोजनाओं की आधारशिला रखी। इन योजनाओं पर लगभग 61 लाख रुपये की लागत आएगी। परियोजनाओं के पूरा होने के बाद करीब 13 हजार हेक्टेयर क्षेत्र को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध हो सकेगा, जिससे कृषि उत्पादन में बढ़ोतरी की उम्मीद है।

बांध के गेट खोलकर गंभीरी नदी में जल प्रवाह शुरू

कार्यक्रम के दौरान पांचना बांध के तीन गेट खोलकर गंभीरी नदी में भी पानी छोड़ा गया। इससे नदी क्षेत्र में जल स्तर बढ़ने के साथ-साथ पर्यावरणीय संतुलन को भी लाभ मिलेगा। अधिकारियों के अनुसार, यह कदम जल प्रबंधन व्यवस्था को सुधारने और क्षेत्रीय जल संकट को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण है। लंबे समय बाद बांध से जल प्रवाह शुरू होने पर आसपास के गांवों में खुशी का माहौल देखा गया और लोगों ने इसे बड़ी उपलब्धि बताया।

सरकार का दावा—जनहित में लिए जा रहे ऐतिहासिक फैसले

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने कहा कि सरकार अपने वादों को धरातल पर उतार रही है और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि दो दशक पुराने जल विवाद का समाधान सरकार की गंभीरता का परिणाम है। इस अवसर पर कई वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी भी मौजूद रहे। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि इन परियोजनाओं से क्षेत्र में कृषि और जल संकट दोनों में सुधार आएगा।

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