ENG vs IND: तीसरे टी20 में हारे तो श्रेयस अय्यर के नाम जुड़ सकता है शर्मनाक रिकॉर्ड
भारत और इंग्लैंड के बीच जारी पांच मैचों की टी20 सीरीज का तीसरा मुकाबला टीम इंडिया के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। सीरीज में पिछड़ चुकी भारतीय टीम के सामने वापसी की चुनौती है, वहीं कप्तान श्रेयस अय्यर भी एक ऐसे रिकॉर्ड से बचना चाहेंगे, जिसे कोई भी भारतीय कप्तान अपने नाम नहीं करना चाहेगा। अगर भारत यह मुकाबला हारता है, तो अय्यर बतौर टी20 कप्तान अपने शुरुआती पांच मैचों में एक भी जीत दर्ज नहीं करने वाले पहले भारतीय कप्तान बन सकते हैं।
श्रेयस अय्यर की कप्तानी की शुरुआत रही निराशाजनक
भारतीय टीम के नए टी20 कप्तान श्रेयस अय्यर के लिए अब तक का सफर उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहा है। आयरलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में टीम को 0-2 से हार का सामना करना पड़ा, जबकि इंग्लैंड दौरे पर दूसरे मुकाबले में भी भारत को शिकस्त मिली। अब तक अय्यर की कप्तानी में टीम ने चार मैच खेले हैं, जिनमें तीन में हार मिली और एक मुकाबला बेनतीजा रहा। ऐसे में तीसरा टी20 मुकाबला उनके लिए सिर्फ सीरीज ही नहीं, बल्कि व्यक्तिगत रिकॉर्ड के लिहाज से भी काफी अहम हो गया है।
हार मिली तो बनेगा अनचाहा रिकॉर्ड
अगर नॉटिंघम में खेले जाने वाले तीसरे टी20 मुकाबले में भी भारत को हार मिलती है, तो श्रेयस अय्यर अपने शुरुआती पांच टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में एक भी जीत दर्ज नहीं करने वाले पहले भारतीय कप्तान बन जाएंगे। यह रिकॉर्ड उनके करियर पर एक बड़ा दाग माना जाएगा। ऐसे में अय्यर के सामने न केवल टीम को जीत दिलाने बल्कि अपनी कप्तानी पर उठ रहे सवालों का जवाब देने की भी चुनौती होगी।
ऋषभ पंत और शुभमन गिल का रिकॉर्ड बेहतर
भारतीय टी20 टीम की कप्तानी कर चुके ऋषभ पंत और शुभमन गिल के शुरुआती आंकड़े श्रेयस अय्यर से कहीं बेहतर रहे हैं। ऋषभ पंत ने 2022 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पांच मैचों की सीरीज में कप्तानी करते हुए दो मुकाबले जीते, दो हारे और एक मैच बेनतीजा रहा। वहीं शुभमन गिल ने 2024 में पांच मैचों में कप्तानी करते हुए चार जीत और सिर्फ एक हार दर्ज की थी। इस तरह पंत का जीत प्रतिशत 40 प्रतिशत और गिल का 80 प्रतिशत रहा, जबकि अय्यर अभी तक जीत का खाता भी नहीं खोल पाए हैं।
गेंदबाजी में बदलाव कर सकती है टीम इंडिया
दूसरे टी20 में भारतीय गेंदबाजी उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी थी। खासकर स्पिनर रवि बिश्नोई ने चार ओवर में 60 रन खर्च किए और कोई विकेट हासिल नहीं कर सके। ऐसे में टीम प्रबंधन तीसरे मुकाबले में गेंदबाजी संयोजन बदल सकता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक युवा तेज गेंदबाज प्रिंस यादव को मौका दिया जा सकता है, जबकि अतिरिक्त तेज गेंदबाज के साथ उतरने की रणनीति पर भी विचार किया जा रहा है। इंग्लैंड की परिस्थितियों को देखते हुए तेज गेंदबाजी आक्रमण को मजबूत करना टीम की प्राथमिकता हो सकती है।
बल्लेबाजों को भी दिखानी होगी जिम्मेदारी
भारतीय बल्लेबाजी भी अब तक पूरी तरह प्रभाव नहीं छोड़ सकी है। सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा को छोड़ दें तो बाकी बल्लेबाज इंग्लैंड की तेज और उछालभरी पिचों पर संघर्ष करते नजर आए हैं। कप्तान श्रेयस अय्यर और ईशान किशन ने कुछ उपयोगी रन जरूर बनाए, लेकिन वे बड़ी और मैच जिताऊ पारियां खेलने में सफल नहीं हुए। वहीं युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी से भी टीम को बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी। यदि भारत को सीरीज में वापसी करनी है, तो बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में बेहतर तालमेल दिखाना होगा।
टी20 में इंग्लैंड पर भारत का रिकॉर्ड मजबूत
टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारत का रिकॉर्ड इंग्लैंड के खिलाफ अब भी बेहतर रहा है। दोनों टीमों के बीच अब तक 32 मुकाबले खेले जा चुके हैं, जिनमें भारत ने 18 मैच जीते हैं, जबकि इंग्लैंड को 13 मुकाबलों में सफलता मिली है। एक मैच का कोई नतीजा नहीं निकला। आंकड़े भले ही भारत के पक्ष में हों, लेकिन मौजूदा सीरीज में टीम इंडिया के सामने वापसी की बड़ी चुनौती है।