चित्तौड़गढ़ डकैती का पर्दाफाश, 6 शातिर आरोपी गिरफ्तार
चित्तौड़गढ़ की द्वारिका धाम कॉलोनी में दिनदहाड़े हुई लूट की वारदात का पुलिस ने खुलासा करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। यह वारदात 4 जुलाई को हुई थी, जिसमें नकदी, मोबाइल और अन्य सामान लूटा गया था। जांच में सामने आया कि यह एक सुनियोजित साजिश थी, जिसमें स्थानीय युवकों ने मिलकर वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर तंत्र की मदद से पूरे गिरोह का पर्दाफाश किया और लूटी गई संपत्ति भी बरामद कर ली है।
सीसीटीवी और तकनीकी जांच से खुली वारदात की परतें
पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह के अनुसार, घटना की शिकायत संजय सालवी ने दर्ज कराई थी, जिसमें उन्होंने लगभग 4.90 लाख रुपये की लूट का आरोप लगाया था। हालांकि जांच में यह स्पष्ट हुआ कि बैग में वास्तविक राशि करीब 2 लाख रुपये ही थी। वारदात के बाद पुलिस ने तत्काल विशेष टीम गठित कर इलाके के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर संदिग्धों की पहचान की। लगातार निगरानी और दबिश के बाद पुलिस ने छह आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की, जिसमें पूरे गिरोह की साजिश सामने आ गई।
स्थानीय युवकों का संगठित गिरोह निकला मास्टरमाइंड
पूछताछ में खुलासा हुआ कि गिरफ्तार सभी आरोपी चित्तौड़गढ़ शहर के ही निवासी हैं और उन्होंने मिलकर वारदात की योजना बनाई थी। आरोपियों ने अपने अन्य तीन साथियों के साथ मिलकर लूट की साजिश रची और मौके पर वारदात को अंजाम दिया। गिरफ्तार आरोपियों में सेंती कच्ची बस्ती और आसपास के इलाकों के युवक शामिल हैं। पुलिस ने इनके कब्जे से लूटी गई नकदी, एटीएम कार्ड, एक एप्पल मोबाइल फोन और वारदात में इस्तेमाल की गई बाइक भी बरामद की है। फिलहाल फरार तीन अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
डकैती की धाराएं जोड़ी गईं, आगे की जांच जारी
पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पहले दर्ज लूट के केस में डकैती की धाराएं भी जोड़ दी हैं। अधिकारियों का कहना है कि यह एक संगठित अपराध का मामला है, इसलिए पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों का किसी बड़े अपराधी गिरोह से संबंध तो नहीं है। बरामद सामान और डिजिटल साक्ष्यों की फोरेंसिक जांच की जा रही है, ताकि वारदात से जुड़े हर पहलू को स्पष्ट किया जा सके और फरार आरोपियों तक जल्द पहुंचा जा सके।