अशोकनगर में नकली नोट गिरोह पकड़ा, NEET छात्र गिरफ्तार
मध्य प्रदेश के अशोकनगर में कोतवाली पुलिस ने नकली नोटों के एक संगठित अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो मध्यप्रदेश से लेकर उत्तर प्रदेश तक सक्रिय था। इस कार्रवाई में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनके पास से कुल 87,700 रुपये के जाली भारतीय नोट बरामद हुए हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि गिरफ्तार आरोपी इंदौर में रहकर मेडिकल प्रवेश परीक्षा (NEET) की तैयारी कर रहे थे और जल्द अमीर बनने के लालच में इस अपराध में शामिल हो गए।
आगरा से चलता था नोटों का नेटवर्क
पुलिस जांच में सामने आया है कि इस गिरोह का मास्टर नेटवर्क आगरा से संचालित हो रहा था। आरोपी कार्तिक पाटीदार और कुलदीप बघेल के जरिए नकली नोटों की सप्लाई की जाती थी, जबकि आगरा का हेमंत इस पूरे नेटवर्क को संचालित कर रहा था। यह गिरोह 1:3 के अनुपात में नकली नोट बाजार में खपाता था और असली नोटों के बीच नकली नोट छिपाकर भी ठगी करता था। पुलिस ने तकनीकी निगरानी के आधार पर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
NEET की तैयारी के नाम पर अपराध का रास्ता
गिरफ्तार तीनों आरोपी 12वीं पास हैं और इंदौर की कोचिंग संस्थानों में NEET की तैयारी कर रहे थे। पुलिस के अनुसार, जल्दी पैसा कमाने की चाह में ये छात्र इस गिरोह से जुड़े। इनमें से एक आरोपी खुद को MBBS छात्र बताता था, जो जांच में फर्जी निकला। पूछताछ में सामने आया कि यह गिरोह पिछले 4–5 वर्षों से सक्रिय था और अब तक 10 से 15 लाख रुपये तक के नकली नोट बाजार में खपा चुका है।
पुलिस रिमांड पर खुल सकते हैं बड़े राज
पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय से सात दिन की रिमांड की मांग की है। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि नकली नोट कहां छपते थे और इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। बरामद नोटों की फॉरेंसिक जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि रिमांड के दौरान पूरे सिंडिकेट की परतें खुलने की संभावना है और जल्द ही अन्य गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।