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मुंबई मैनहोल हादसा: बुजुर्ग की मौत के बाद 4 बीएमसी अधिकारी निलंबित, 7 दिन में जांच रिपोर्ट के आदेश

मुंबई के साकीनाका इलाके में भारी बारिश के दौरान खुले मैनहोल में गिरने से एक 60 वर्षीय व्यक्ति की मौत के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है। घटना को गंभीर लापरवाही मानते हुए बीएमसी ने संबंधित वार्ड के असिस्टेंट कमिश्नर समेत चार अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। साथ ही पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच के आदेश देते हुए सात दिन के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया है।

खुले मैनहोल ने ली एक और जान

यह हादसा अंधेरी पूर्व के साकीनाका स्थित खैराणी रोड पर हुआ, जहां लगातार बारिश के कारण सड़क पर जलभराव था। इसी दौरान 60 वर्षीय असलम शेख सड़क पार कर रहे थे। पानी भर जाने से उन्हें सड़क पर मौजूद खुला मैनहोल दिखाई नहीं दिया और वे उसमें गिर गए। स्थानीय लोगों ने तुरंत प्रशासन को सूचना दी, लेकिन तेज बहाव के कारण उन्हें समय पर बाहर नहीं निकाला जा सका। अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना ने मानसून के दौरान शहर की सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

शुरुआती जांच में सामने आई सुरक्षा में लापरवाही

प्रारंभिक जांच में सामने आया कि क्षेत्र में ड्रेनेज मरम्मत का कार्य चल रहा था। इसके लिए मैनहोल का ढक्कन हटाया गया था, लेकिन आसपास सुरक्षा घेरा, चेतावनी बोर्ड या बैरिकेडिंग जैसी आवश्यक व्यवस्थाएं नहीं की गई थीं। बताया जा रहा है कि कार्य एक निजी ठेकेदार के कर्मचारियों की निगरानी में हो रहा था। हादसे के बाद कर्मचारियों ने बचाव का प्रयास भी किया, लेकिन तेज जलप्रवाह के कारण सफलता नहीं मिल सकी। इस लापरवाही को घटना का प्रमुख कारण माना जा रहा है।

राहत-बचाव अभियान के बावजूद नहीं बच सकी जान

घटना की सूचना मिलते ही मुंबई फायर ब्रिगेड और अन्य बचाव दल मौके पर पहुंचे। पानी का बहाव अधिक होने के कारण रेस्क्यू टीम ने आगे के मैनहोल खोलकर खोज अभियान चलाया। काफी प्रयासों के बाद असलम शेख को बाहर निकाला गया और तत्काल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। बचाव अभियान के दौरान सामने आई चुनौतियों ने मानसून के समय ऐसी परिस्थितियों से निपटने की तैयारियों पर भी सवाल खड़े किए हैं।

बीएमसी का बड़ा एक्शन, चार अधिकारी निलंबित

घटना के बाद बीएमसी प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए संबंधित ‘एल’ वार्ड के असिस्टेंट कमिश्नर सहित चार अधिकारियों को निलंबित कर दिया। नगर निगम ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़ी जिम्मेदारियों में किसी भी स्तर की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके साथ ही अतिरिक्त नगर आयुक्त की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय जांच समिति गठित की गई है, जिसे सात दिनों के भीतर पूरे मामले की रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।

मानसून तैयारियों पर फिर उठे सवाल

हर वर्ष बारिश के मौसम में खुले मैनहोल, जलभराव और खराब नागरिक सुविधाओं के कारण ऐसे हादसे सामने आते हैं। इस घटना के बाद भी नागरिकों ने प्रशासन की तैयारियों और निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि केवल हादसे के बाद कार्रवाई करने के बजाय समय रहते सुरक्षा मानकों का पालन और नियमित निरीक्षण सुनिश्चित किया जाना चाहिए। अब जांच रिपोर्ट से यह स्पष्ट होगा कि इस दुर्घटना के लिए किस स्तर पर जिम्मेदारी तय की जाती है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे।

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