बीकानेर में दर्दनाक हादसा: स्कूल से खेलने निकला 10 वर्षीय छात्र जोहड़ में मिला मृत, परिवार में मचा कोहराम
राजस्थान के बीकानेर जिले में एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। स्कूल से लौटने के बाद खेलने निकला 10 वर्षीय छात्र देर रात तक घर नहीं पहुंचा तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। पूरी रात खोजबीन के बाद अगले दिन गांव के जोहड़ में उसका शव मिलने से परिवार और ग्रामीणों में शोक की लहर दौड़ गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
रातभर तलाश के बाद जोहड़ में मिला मासूम का शव
बीकानेर के महाजन थाना क्षेत्र के जैतपुर गांव में पांचवीं कक्षा के छात्र सूर्य नायक की जोहड़ (कच्चे तालाब) में डूबने से मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, सूर्य बुधवार को स्कूल से घर लौटने के बाद शाम को खेलने के लिए बाहर निकला था, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटा। परिजनों ने रिश्तेदारों और ग्रामीणों की मदद से पूरी रात उसकी तलाश की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। गुरुवार सुबह गांव के जोहड़ के पास उसकी चप्पलें मिलने के बाद तलाश तेज की गई और कुछ ही देर में उसका शव पानी से बरामद कर लिया गया।
अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने किया मृत घोषित
ग्रामीणों ने बच्चे को तुरंत जोहड़ से बाहर निकालकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलते ही महाजन थाना पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए महाजन अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया। प्रारंभिक जांच में मामला डूबने से मौत का माना जा रहा है, हालांकि पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
बीकानेर में लगातार सामने आ रहे डूबने के मामले
बीकानेर जिले में हाल के दिनों में डूबने की कई दर्दनाक घटनाएं सामने आ चुकी हैं। कुछ दिन पहले श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र के जालबसर गांव में खेत की डिग्गी में डूबने से एक महिला और उसकी छह वर्षीय बेटी की मौत हो गई थी, जबकि 12 वर्षीय बेटे को ग्रामीणों ने समय रहते बचा लिया था। इसके अलावा महाजन क्षेत्र में कंवरसेन लिफ्ट नहर में नहाने उतरे दो युवक तेज बहाव में डूब गए थे, जिनमें से एक का शव बरामद किया गया था।
सुरक्षा इंतजामों की जरूरत पर उठे सवाल
लगातार हो रहे ऐसे हादसों के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में खुले जोहड़ों, डिग्गियों और नहरों के आसपास सुरक्षा इंतजामों को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इन जल स्रोतों के आसपास पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था और चेतावनी बोर्ड लगाए जाने चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। प्रशासन से भी संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ाने की मांग की जा रही है।