मंत्री के सामने ट्रांसफर की गुहार लगाने वाली नर्स का हुआ तबादला, सीकर में मिली नई पोस्टिंग
स्वास्थ्य विभाग ने जारी किए स्थानांतरण आदेश
जोधपुर के महात्मा गांधी अस्पताल में चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर के सामने स्थानांतरण की मांग को लेकर भावुक होने वाली नर्सिंग अधिकारी सरिता कुमारी का आखिरकार तबादला कर दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग ने स्थानांतरण पर सामान्य रोक के बावजूद विशेष आदेश जारी करते हुए सरिता कुमारी को महात्मा गांधी अस्पताल, जोधपुर से राजकीय श्री कल्याण चिकित्सालय, सीकर में पदस्थापित किया है।
सरिता कुमारी के साथ ही कई अन्य नर्सिंग कर्मचारियों और एक फार्मासिस्ट के भी तबादले किए गए हैं। इनमें सूर्यप्रकाश शर्मा, ज्योति बाला, संगीता मीणा, शारदा बिश्नोई और फार्मासिस्ट सुरेशचंद के नाम शामिल हैं।
नर्सिंग एसोसिएशन ने उठाई व्यापक तबादला प्रक्रिया की मांग
राजस्थान नर्सिंग एसोसिएशन ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए सरकार से मांग की है कि जिस प्रकार सरिता कुमारी को राहत दी गई है, उसी तरह प्रदेशभर में वर्षों से पारिवारिक और सामाजिक कारणों से स्थानांतरण का इंतजार कर रहे अन्य पात्र नर्सिंग कर्मचारियों को भी राहत दी जाए।
एसोसिएशन के जोधपुर अध्यक्ष जगदीश जाट ने कहा कि बड़ी संख्या में कर्मचारी लंबे समय से अपने गृह जिले या परिवार के पास स्थानांतरण की प्रतीक्षा कर रहे हैं। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग से जल्द सामान्य स्थानांतरण प्रक्रिया शुरू करने की मांग की।
मंत्री के सामने भावुक होकर मांगी थी मदद
कुछ दिन पहले जोधपुर दौरे के दौरान चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर महात्मा गांधी अस्पताल में आयोजित एक कार्यक्रम में पहुंचे थे। इसी दौरान अस्पताल में कार्यरत नर्सिंग अधिकारी मंत्री के पास पहुंचीं और भावुक होकर स्थानांतरण की गुहार लगाई। वह अपनी व्यक्तिगत परेशानियों का हवाला देते हुए लगातार ट्रांसफर की मांग करती रहीं।
कार्यक्रम के दौरान मौजूद केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने भी उन्हें समझाने और शांत कराने का प्रयास किया था। चिकित्सा मंत्री ने उस समय उनकी समस्या पर विचार करने और समाधान का आश्वासन दिया था।
आश्वासन के बाद मिला स्थानांतरण
मंत्री द्वारा दिए गए आश्वासन के कुछ समय बाद स्वास्थ्य विभाग ने आदेश जारी करते हुए सरिता कुमारी का सीकर तबादला कर दिया। इस फैसले के बाद नर्सिंग कर्मचारियों के बीच यह उम्मीद जगी है कि लंबे समय से लंबित अन्य स्थानांतरण मामलों पर भी सरकार जल्द निर्णय ले सकती है।