ओडिशा से जयपुर आ रही 150 किलो गांजे की खेप जब्त, ANTF-NCB ने 4 तस्करों को दबोचा
संयुक्त कार्रवाई में अंतरराज्यीय ड्रग्स नेटवर्क का भंडाफोड़
राजस्थान में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए अंतरराज्यीय मादक पदार्थ तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। बारां जिले में की गई इस कार्रवाई में ओडिशा से जयपुर लाई जा रही 149.862 किलोग्राम गांजे की खेप जब्त की गई। अधिकारियों के अनुसार, जब्त गांजे की अनुमानित कीमत करीब 75 लाख रुपये है। यह खेप जयपुर सहित प्रदेश के विभिन्न शहरों में सप्लाई की जानी थी।
चार आरोपी गिरफ्तार, लंबे समय से कर रहे थे तस्करी
एएनटीएफ के महानिरीक्षक विकास कुमार ने बताया कि एनसीबी जयपुर के चीफ अभिषेक नारायण सिन्हा के नेतृत्व में तैयार की गई रणनीति के तहत यह कार्रवाई की गई। मामले में बारां जिले के रहने वाले चार आरोपियों—कालूलाल बागड़ी (48), रेणु बागड़ी (25), नरेश बागड़ी (32) और लोकेश बागड़ी (23)—को गिरफ्तार किया गया है। सभी आरोपियों से पूछताछ की जा रही है ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।
ट्रेन से लेकर टोल प्लाजा तक चला पीछा
जांच एजेंसियों को सूचना मिली थी कि कुछ तस्कर खिलौने बेचने के बहाने ओडिशा और छत्तीसगढ़ जाते हैं और वहां से कम कीमत पर गांजा खरीदकर राजस्थान लाते हैं। सूचना के आधार पर एक टीम ओडिशा पहुंची, जहां पता चला कि आरोपी रायपुर की ओर रवाना हो चुके हैं और झांसी जाने वाली ट्रेन में सवार हैं।
टीम ने रायपुर रेलवे स्टेशन से उसी ट्रेन में उनका पीछा किया। झांसी पहुंचने के बाद आरोपियों ने एक पिकअप वाहन किराये पर लिया और परिवार के कुछ सदस्यों को साथ बैठाकर राजस्थान की ओर रवाना हो गए। लगातार निगरानी के आधार पर दूसरी टीम को पहले ही बारां जिले के मुंडियार टोल प्लाजा पर तैनात कर दिया गया।
पिकअप से मिले 50 पैकेट गांजा
जैसे ही संदिग्ध पिकअप वाहन मुंडियार टोल प्लाजा पहुंचा, एएनटीएफ और एनसीबी की टीमों ने उसे चारों तरफ से घेर लिया। वाहन को शाहबाद थाना क्षेत्र में ले जाकर तलाशी ली गई। जांच के दौरान पिकअप से 50 पैकेटों में कुल 149.862 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ, जिसे तुरंत जब्त कर लिया गया।
2 हजार रुपये किलो खरीदकर ऊंचे दामों में करते थे सप्लाई
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे ओडिशा और छत्तीसगढ़ से करीब 2 हजार रुपये प्रति किलोग्राम की दर से गांजा खरीदते थे और राजस्थान में ऊंचे दामों पर बेचते थे। शुरुआत में वे छोटी मात्रा में तस्करी करते थे, लेकिन अधिक मुनाफे के लालच में उन्होंने कारोबार बढ़ा दिया। जांच में सामने आया है कि आरोपी कोटा, भरतपुर, जयपुर समेत कई जिलों में गांजे की सप्लाई कर चुके हैं।
फिलहाल जांच एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी हैं और यह पता लगाया जा रहा है कि इस तस्करी में और कौन-कौन शामिल है।