पाकिस्तान सीमा से सटे गांवों में कथित बंधुआ मजदूरी का खुलासा, BSF ने कई लोगों को कराया मुक्त
पंजाब के भारत-पाकिस्तान सीमा से सटे गांवों में कथित बंधुआ मजदूरी का मामला सामने आने के बाद सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने मानवीय पहल करते हुए कई लोगों को मुक्त कराया है। शुरुआती जांच में ऐसे कई अन्य मामलों की आशंका भी जताई गई है। बीएसएफ अब किसानों और डेयरी संचालकों को भी चेतावनी देकर इस नेटवर्क पर कार्रवाई तेज कर रही है।
सीमावर्ती इलाकों में मानवता की मिसाल बनी BSF
पंजाब के भारत-पाकिस्तान सीमा से लगे गांवों में कथित बंधुआ मजदूरी का चिंताजनक मामला सामने आया है। सीमा सुरक्षा बल (BSF) की 100वीं बटालियन ने कार्रवाई करते हुए दूसरे राज्यों से भटककर पहुंचे कई लोगों को मुक्त कराया और उन्हें उनके परिवारों से मिलवाने में अहम भूमिका निभाई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, ये लोग रास्ता भटकने के बाद सीमावर्ती गांवों तक पहुंचे थे, जहां उनसे लंबे समय तक खेतों और डेयरियों में काम कराया जा रहा था। BSF की सक्रियता से अब ऐसे मामलों की व्यापक जांच शुरू हो गई है।
ओडिशा के युवक को सात महीने बाद मिली आजादी
ताजा मामले में बीएसएफ ने ओडिशा के बालासोर जिले के रहने वाले बिकाश देवरी को कथित बंधुआ मजदूरी से मुक्त कराया। बताया गया कि वह करीब सात महीने पहले घर से लापता हो गए थे और सीमावर्ती क्षेत्र में पहुंच गए थे। वहां उनसे खेतों में काम कराने, पशुओं की देखभाल और डेयरी से जुड़े कार्य करवाए जा रहे थे। बीएसएफ को संदेह होने पर अधिकारियों ने पूछताछ की और युवक के बताए गांव के आधार पर उसके परिवार का पता लगाया। इसके बाद परिजनों को अमृतसर बुलाकर सुरक्षित तरीके से युवक को उनके सुपुर्द कर दिया गया।
जांच में सामने आए कई संदिग्ध मामले
बीएसएफ सूत्रों के अनुसार, सीमा से सटे मुल्लाकोट, मोदे, धनुआ खुर्द, रानियों, पिंडोरी और बच्ची भिंड सहित कई गांवों में ऐसे अनेक लोगों के रहने की आशंका है। शुरुआती जांच में करीब 150 लोगों के कथित रूप से बंधुआ मजदूरी जैसी परिस्थितियों में काम करने की संभावना जताई गई है। हालांकि, इन सभी मामलों की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी।
किसानों और डेयरी संचालकों को दी गई सख्त चेतावनी
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बीएसएफ अधिकारियों ने हाल ही में सीमावर्ती गांवों के किसानों और डेयरी संचालकों के साथ बैठक की। अधिकारियों ने स्पष्ट कहा कि यदि किसी के यहां बाहरी व्यक्ति संदिग्ध परिस्थितियों में काम करता मिला, तो इसकी जानकारी तुरंत बीएसएफ या स्थानीय पुलिस को दी जाए। यदि किसी ने जानकारी छिपाई या अवैध रूप से मजदूरी कराई, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मानव तस्करी और अवैध मजदूरी के एंगल की भी जांच
जांच के दौरान कुछ मामलों में यह भी संकेत मिले हैं कि कुछ लोगों को रात के समय जंजीरों से बांधकर रखा जाता था। हालांकि इन दावों की जांच अभी जारी है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह केवल अवैध मजदूरी का मामला है या इसके पीछे मानव तस्करी का कोई बड़ा नेटवर्क सक्रिय है।
सीमावर्ती सुरक्षा के साथ मानवीय जिम्मेदारी भी निभा रही BSF
सीमा की सुरक्षा के साथ-साथ BSF लगातार मानवीय दायित्व भी निभा रही है। पिछले कुछ समय में कई लापता और मानसिक रूप से कमजोर लोगों को उनके परिवारों तक सुरक्षित पहुंचाने के मामले सामने आए हैं। अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में भी ऐसे मामलों पर लगातार निगरानी रखी जाएगी ताकि किसी भी व्यक्ति का शोषण न हो सके।