महाराष्ट्र TET पेपर लीक में बड़ा खुलासा, कथित मास्टरमाइंड की पत्नी पटना से गिरफ्तार
महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) प्रश्नपत्र लीक मामले की जांच में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। महाराष्ट्र पुलिस ने बिहार एसटीएफ की मदद से पटना से कथित मास्टरमाइंड बिजेंद्र गुप्ता की पत्नी सुमन गुप्ता को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसियों का दावा है कि इस मामले की साजिश कई महीनों से रची जा रही थी। पुलिस अब पूरे नेटवर्क और इसमें शामिल अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है।
पटना में छापेमारी के बाद हुई गिरफ्तारी
महाराष्ट्र पुलिस ने बिहार एसटीएफ के सहयोग से पटना के अगमकुआं थाना क्षेत्र स्थित गांधी नगर में छापेमारी कर सुमन गुप्ता को गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद उसे आगे की पूछताछ के लिए पुणे ले जाया गया है। इस मामले में अब तक छह लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इसके अलावा पुलिस ने पटना, समस्तीपुर और वैशाली में भी कई स्थानों पर छापेमारी की, जहां दो अन्य लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसियां पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में लगी हैं।
छह महीने पहले शुरू हुई थी कथित साजिश
पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस पूरे पेपर लीक नेटवर्क की योजना करीब छह महीने पहले बनाई गई थी। जांच में सामने आया है कि पटना के पश्चिमी बोरिंग कैनाल रोड स्थित एक अपार्टमेंट में कई गोपनीय बैठकें हुईं, जहां कथित तौर पर प्रश्नपत्र हासिल करने और उसे विभिन्न स्थानों तक पहुंचाने की रणनीति तैयार की गई। जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि इस कथित साजिश में और कौन-कौन लोग शामिल थे तथा उनकी भूमिकाएं क्या थीं।
प्रिंटिंग प्रेस से प्रश्नपत्र लाने की जांच जारी
जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली है कि प्रश्नपत्र आगरा स्थित एक प्रिंटिंग प्रेस से हासिल किए गए थे। पुलिस के अनुसार, इस काम के लिए दो लोगों को जिम्मेदारी दी गई थी, जिनके प्रिंटिंग प्रेस से जुड़े होने की भी जांच की जा रही है। फिलहाल कथित मास्टरमाइंड बिजेंद्र गुप्ता और उसके करीबी सहयोगी कपिल दहिया की तलाश जारी है। पुलिस दोनों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग राज्यों में लगातार दबिश दे रही है।
कार पर बाइक का नंबर, बरामद हुए प्रश्नपत्र और चेक
पुलिस ने कार्रवाई के दौरान चार प्रश्नपत्र सेट, करीब 25.50 लाख रुपये के कई चेक और एक मारुति अर्टिगा कार बरामद की है। जांच में यह भी सामने आया कि जिस कार का इस्तेमाल कथित तौर पर प्रश्नपत्र लाने-ले जाने में हुआ, उस पर लगी नंबर प्लेट एक बाइक के नाम पर पंजीकृत थी। इस जानकारी के बाद महाराष्ट्र पुलिस ने पटना पुलिस से संबंधित वाहन का पूरा रिकॉर्ड मांगा है। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि फर्जी नंबर प्लेट का इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया गया और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे।